रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
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हरिद्वार । पितृ अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्क है। इसी क्रम में हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने मायापुर स्थित नारायणी शिला पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखा जाए और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी सतर्क रहें। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।
पितृ अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान, तर्पण और अन्य कर्मकांड करने के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में प्रमुख धार्मिक स्थलों और आसपास के मार्गों पर भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मौके पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। शनिवार को पितृ अमावस्या के अवसर पर एसएसपी नवनीत सिंह मायापुर स्थित नारायणी शिला पहुंचे। यहां उन्होंने श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि धार्मिक स्थल और उसके आसपास की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।
एसएसपी ने अधिकारियों से कहा कि सभी व्यवस्थाएं सतर्कता के साथ संचालित की जाएं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और मौके पर तैनात पुलिसकर्मी अपने दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करें। पितृ अमावस्या के अवसर पर नारायणी शिला और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीड़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए। धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के दौरान प्रवेश और निकास मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही लोगों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इस पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
एसएसपी नवनीत सिंह ने निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से कहा कि भीड़ के बीच आने वाले बुजुर्गों और बच्चों का आवश्यक ध्यान रखा जाए। धार्मिक आयोजनों में कई परिवारों के साथ छोटे बच्चे और उम्रदराज लोग भी शामिल होते हैं। अधिक भीड़ होने पर उन्हें चलने-फिरने और अपने परिजनों के साथ बने रहने में परेशानी हो सकती है। पुलिस की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनाए रखने के साथ उन्हें धार्मिक स्थल तक पहुंचने और वहां से सुरक्षित लौटने में सहयोग देना है। एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीड़ के दौरान विशेष रूप से उन लोगों पर ध्यान रखा जाए, जिन्हें अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो सकती है।

पितृ अमावस्या के अवसर पर धार्मिक स्थलों की ओर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ सकता है। इसे देखते हुए एसएसपी ने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। धार्मिक आयोजन के दौरान स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं, दोनों की आवाजाही को ध्यान में रखना जरूरी होता है। यातायात व्यवस्था सुचारु रहने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलती है।
भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सतर्क निगरानी, आपसी समन्वय और समय पर कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है। किसी भी तरह की अव्यवस्था की आशंका दिखाई देने पर पुलिसकर्मियों को तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार रहने को कहा गया। एसएसपी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक इंतजामों को व्यवस्थित बनाए रखा जाए।
पितृ अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त तर्पण, पूजा और अन्य धार्मिक कर्मकांड करने पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवसर पर पितरों के लिए किए जाने वाले अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है। हरिद्वार में गंगा घाटों और अन्य धार्मिक स्थलों के साथ नारायणी शिला भी श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। पर्व के दौरान यहां लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन के लिए सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक हो जाता है।
मौके पर निगरानी और समन्वय बनाए रखने पर जोर
एसएसपी नवनीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नारायणी शिला और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए। श्रद्धालुओं की संख्या और मौके की परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। भीड़ प्रबंधन के दौरान पुलिसकर्मियों के बीच बेहतर तालमेल से लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सहायता से जुड़े कार्यों को समन्वित तरीके से संचालित करना महत्वपूर्ण होता है।
पितृ अमावस्या के अवसर पर नारायणी शिला पहुंचे एसएसपी नवनीत सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर अधीनस्थ अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने, यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने और भीड़ की स्थिति पर सतर्क निगरानी बनाए रखने को कहा। धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। मौके पर निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश देने का उद्देश्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूत करना है।
पुलिस प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना है। पितृ अमावस्या के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बुजुर्गों और बच्चों की सहायता तथा यातायात का सुचारु संचालन प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
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