हरिद्वार टोल प्लाजा पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प का दृश्यहरिद्वार टोल प्लाजा पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प का दृश्य

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बहादराबाद टोल प्लाजा पर तनावपूर्ण माहौल

आज सुबह देशभर में जारी किसान आंदोलन का असर उत्तराखंड के हरिद्वार में देखने को मिला। देहरादून ऊर्जा भवन कूच करने जा रहे किसानों को पुलिस ने बहादराबाद टोल प्लाजा पर रोक दिया। रोकते ही माहौल बिगड़ गया और किसानों ने उग्र रुख अपना लिया। पुलिस ने बार-बार शांति की अपील की, लेकिन किसानों के आक्रोश को देखते हुए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई।

किसानों के आरोप और पुलिस का पक्ष

किसानों का कहना है कि पुलिस ने अचानक और बेवजह लाठीचार्ज किया। इससे कई किसान घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि –

  • किसान लगातार कानून तोड़ रहे थे।
  • कई बार शांति बनाए रखने की अपील की गई।
  • लेकिन किसानों ने उग्र प्रदर्शन किया और रास्ता जाम कर दिया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया।

आंदोलनकारियों की मांगें

किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि –

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी दी जाए।
  • कृषि कानूनों से जुड़े लंबित मामलों का समाधान किया जाए।
  • बीज, खाद और डीजल की कीमतों में राहत दी जाए।
  • ऋण माफी और फसल बीमा योजना में पारदर्शिता लाई जाए।

किसान संगठनों का कहना है कि जब तक सरकार ठोस आश्वासन नहीं देती, आंदोलन जारी रहेगा।

बाइट्स: आवाज़ें मैदान से

राजीव शास्त्री, जिला अध्यक्ष किसान यूनियन
“हम शांतिपूर्ण तरीके से देहरादून जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमें जबरन रोककर लाठीचार्ज किया। हमारे कई साथी घायल हैं। सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।” हर्ष शर्मा, घायल किसान
“मैं प्रदर्शन में शामिल था, अचानक पुलिस ने लाठियां चलाना शुरू कर दीं। मुझे और मेरे कई साथियों को चोट लगी है। यह आंदोलन हमारे हक के लिए है और इसे हम हर हाल में जारी रखेंगे।”

शेखर सोयल, एसपी देहात, हरिद्वार
“पुलिस ने किसी पर बेवजह बल प्रयोग नहीं किया। बार-बार समझाने के बाद भी किसान नियम तोड़ रहे थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।” किसानों का आरोप है कि उन्हें सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है। MSP कानून लागू न होने और महंगाई बढ़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ी हैं।

  • कई किसान फसल का उचित दाम नहीं मिलने से कर्ज में दबे हैं।
  • बीमा क्लेम समय पर न मिलने और बिजली-पानी के बढ़ते खर्च से वे परेशान हैं।
  • ऐसे हालात में आंदोलन उनके लिए मजबूरी बन गया है।

हरिद्वार प्रशासन की सख्ती

जिला प्रशासन ने किसानों को देहरादून जाने से रोकने का फैसला लिया है।

  • बहादराबाद टोल प्लाजा पर चेकिंग बढ़ा दी गई है।
  • पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी है।
  • अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

एसपी देहात शेखर सोयल ने कहा कि किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।

राजनीतिक हलचल

किसान आंदोलन को लेकर उत्तराखंड की राजनीति भी गर्माने लगी है। विपक्ष का कहना है कि सरकार किसानों की समस्याओं का हल निकालने में नाकाम रही है। वहीं सरकार का कहना है कि किसानों के साथ संवाद जारी है और समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।हरिद्वार और आसपास के लोगों को टोल प्लाजा पर जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसानों की मांगें जायज़ हैं लेकिन विरोध का तरीका शांतिपूर्ण होना चाहिए।हरिद्वार टोल प्लाजा पर किसानों और पुलिस के बीच हुई भिड़ंत ने एक बार फिर यह साबित किया है कि किसान अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। दूसरी ओर प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।

आने वाले दिनों में यह आंदोलन उत्तराखंड की राजनीति और समाज दोनों पर गहरा असर डाल सकता है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे कूच जारी रखेंगे।

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By ATHAR

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