सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…
रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
ऋषिकेश, 11 जुलाई। उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में परमार्थ निकेतन ने एक सराहनीय पहल की है। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के मार्गदर्शन एवं मेदान्ता द मेडिसिटी के सहयोग से नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे निःशुल्क मल्टीस्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से सैकड़ों मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, आधुनिक जांच और आवश्यक दवाइयों का लाभ मिल रहा है। इन शिविरों का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान करना और गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान सुनिश्चित करना भी है। इस पहल को स्थानीय लोगों द्वारा काफी सराहा जा रहा है।
ऋषिकेश, 11 जुलाई। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में परमार्थ निकेतन द्वारा पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से प्रेरणादायी स्वास्थ्य अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत देश के प्रतिष्ठित अस्पताल मेदान्ता द मेडिसिटी के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रतिमाह निःशुल्क मल्टीस्पेशियलिटी चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे हजारों ग्रामीणों एवं दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

इन शिविरों में हृदय रोग विशेषज्ञ, श्वास रोग विशेषज्ञ तथा जनरल फिजिशियन द्वारा रोगियों का विस्तृत परीक्षण एवं परामर्श प्रदान किया जाता है। साथ ही निःशुल्क रक्त परीक्षण, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (पीएफटी), बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जाँच तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी किए जाते हैं। प्रत्येक शिविर में सैकड़ों रोगी विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर समय पर रोगों की पहचान एवं उपचार का लाभ उठा रहे हैं।
परमार्थ निकेतन लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य करता आ रहा है। इसी क्रम में संस्था ने मेदान्ता द मेडिसिटी के विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की शुरुआत की है। इन शिविरों में ग्रामीणों को महानगरों जैसी चिकित्सा सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गांव-गांव जाकर मरीजों का परीक्षण कर रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को शहरों तक लंबी यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ रही।
विश्व जनसंख्या दिवस पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का संदेश-हम दो, हमारे दो – जिसके दो, उसी को दो।बच्चे केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्र का भविष्य हैं। प्रत्येक बच्चे को प्रेम, संस्कार, शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और समान अवसर मिलना चाहिए। परिवार का वास्तविक विस्तार संख्या से नहीं, बल्कि संस्कारों, संवेदनाओं और उत्तरदायित्व से होता है। विश्व जनसंख्या दिवस पर आइए, हम संतुलित परिवार, स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण का संकल्प लें। ऐसा भारत बनाएँ जहाँ हर बच्चे को जीवन, शिक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य का अधिकार मिले।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की हृदय, फेफड़ों और सामान्य रोगों की जांच
स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की। इनमें प्रमुख रूप से—
हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) श्वास रोग विशेषज्ञ (Pulmonologist) जनरल फिजिशियन
द्वारा मरीजों का विस्तृत परीक्षण किया गया। साथ ही कई आधुनिक जांच सुविधाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, जिनमें शामिल हैं— रक्त परीक्षण पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PFT) बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) सामान्य स्वास्थ्य जांच आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों ने विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त कर समय रहते उपचार शुरू कराया।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा, स्वस्थ रहना केवल बीमारी का उपचार नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है। जब तक गाँव, पर्वत और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ नहीं पहुँचेंगी, तब तक समग्र विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले अनेक परिवारों को चिकित्सकीय जाँच के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों को सीधे गाँवों और पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुँचाना ही वास्तविक सेवा है। उन्होंने कहा कि सेवा वहीं सार्थक है, जहाँ उसकी सबसे अधिक आवश्यकता हो।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि स्वास्थ्य केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि जब तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं गांवों और हिमालयी क्षेत्रों तक नहीं पहुंचेंगी, तब तक समग्र विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले अनेक लोगों को छोटी-छोटी जांच के लिए भी कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों को सीधे गांवों तक पहुंचाना ही वास्तविक जनसेवा है।
पूज्य स्वामी जी ने बताया कि परमार्थ निकेतन स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण एवं आध्यात्मिक जागरण को एक-दूसरे का पूरक मानता है। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र का आधार बन सकते हैं। इसी उद्देश्य से नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को समय पर जाँच, परामर्श, आवश्यक उपचार और दवाईयाँ उपलब्ध हो सके। बेहतर शिक्षा उत्तम स्वास्थ्य पौष्टिक भोजन संस्कार समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने समाज से जिम्मेदार नागरिक बनने और संतुलित परिवार के निर्माण का आह्वान किया।
मेदान्ता द मेडिसिटी के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी कहा कि समय पर जाँच और निवारक स्वास्थ्य सेवाएँ अनेक गंभीर बीमारियों को प्रारम्भिक अवस्था में ही नियंत्रित कर सकती हैं। विशेष रूप से हृदय रोग, श्वास संबंधी रोग तथा हड्डियों की समस्याएँ पर्वतीय क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही हैं, जिनके प्रति जनजागरूकता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अत्यंत आवश्यक हैं। स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे लोगों ने बताया कि उन्हें पहली बार अपने गांव के नजदीक इतने बड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने का अवसर मिला। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के शिविर भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिल सके।

चिकित्सकों ने कहा, महानगरों की व्यस्त और तेज़-रफ्तार जीवनशैली से निकलकर जब हम परमार्थ निकेतन आते हैं, तो ऐसा अनुभव होता है मानो स्वर्ग जैसी शांति और दिव्यता का साक्षात्कार हो रहा हो। माँ गंगा का पावन तट, हिमालय की गोद, और सेवा का वातावरण मन, मस्तिष्क और आत्मा को गहराई से स्पर्श करता है। यहाँ कुछ ही समय बिताने पर मानसिक तनाव स्वतः कम होने लगता है और भीतर नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तव में परमार्थ निकेतन समग्र स्वास्थ्य का जीवंत केन्द्र है, जहाँ आकर पूज्य स्वामी जी के पावन सान्निध्य में शांति और प्रेरणा का अनुभव स्वतः ही होता है।
परमार्थ निकेतन एवं मेदान्ता द मेडिसिटी का उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों में निवारक स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली, योग, प्राणायाम, स्वच्छता एवं प्राकृतिक जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना भी है। इसी दृष्टि से प्रत्येक शिविर में स्वास्थ्य संबंधी परामर्श के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया जाता है। परमार्थ निकेतन और मेदान्ता द मेडिसिटी की यह पहल उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं, निःशुल्क जांच और दवाइयों की उपलब्धता से न केवल मरीजों को लाभ मिल रहा है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। यदि इस तरह के प्रयास लगातार जारी रहे तो पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आने वाले समय में यह अभियान और अधिक व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड के अधिक से अधिक पर्वतीय क्षेत्रों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच सकें। थानो रोड, रामनगर डांडा में आयोजित निःशुल्क मल्टीस्पेशियलिटी चिकित्सा शिविर में मेदान्ता फाउंडेशन के डॉ. प्रियंशु शर्मा, डॉ. रजत कुमार, श्री महेन्द्र कामटकर, श्री जितेन्द्र वर्मा, सुश्री अनुराधा गोयल, सुश्री पूजा, सुश्री कंचन, श्री मनीष, श्री सौरभ, श्री अरुण, श्री रवि, श्री सूरज, श्री अलीम, श्री अशोक एवं श्री प्रमोद, 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं टेक्नीशियनों की टीम ने सैकड़ों रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषज्ञ परामर्श एवं विभिन्न चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान कीं।
यह भी पढ़ें – PM आवास योजना (ग्रामीण) में पारदर्शिता पर जोर टोडा कल्याणपुर एहतमाल में खुली बैठक आयोजित…
उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं
यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

