नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026 | संवाददाता
रसोई के बजट पर महंगाई का असर एक बार फिर दिखाई देने लगा है। चीनी और प्याज के दाम पिछले एक साल में बढ़े हैं, जबकि टमाटर की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट आई है। खाद्य तेलों की कीमतें भी कई शहरों में उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा रही हैं।
भारत सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय के 16 अगस्त 2026 के अखिल भारतीय दैनिक औसत खुदरा कीमतों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में रोजमर्रा की कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम में बदलाव हुआ है। खासतौर पर चीनी और प्याज की कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
किचन का बजट सरसों, सोया, मूंगफली, सूरजमुखी जैसे खाद्य तेलों के दाम में लगी आग की वजह से बिगड़ रहा है। अब तो चीनी भी ‘कड़वी होने लगी है। कई शहरों में यह 50 रुपये किलो के पार पहुंच गई है। दिल्ली में सरसों तेल की कीमत 209 रुपये किलो पर पहुंच गई। मुंबई में 231, चेन्नई में 247 रुपये है। वहीं, रांची में 197 रुपये। यह हम नहीं कह रहे बल्कि भारत सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़े कह रहे हैं। आइए देखें आवश्यक वस्तुओं के दाम पिछले एक साल में कितना बदले है
चीनी ₹50 के पार, एक साल में 11 फीसदी से ज्यादा महंगी

उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 51.51 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। एक साल पहले यह कीमत 46.38 रुपये प्रति किलो थी। यानी सालाना आधार पर चीनी के दाम में 11.06 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। चीनी की कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है और आने वाले दिनों में इसके दाम पर उपभोक्ताओं की नजर बनी हुई है।
प्याज भी एक साल में 27.63 प्रतिशत महंगा
प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 35.85 रुपये प्रति किलो रही। एक साल पहले यह 28.09 रुपये थी। इस तरह प्याज के दाम में सालाना 27.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि शहरों के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। दिल्ली में प्याज 45 रुपये, चेन्नई में 50 रुपये, रांची में 37 रुपये और मुंबई में 33 रुपये किलो दर्ज किया गया।

जहां प्याज महंगा हुआ है. वहीं टमाटर ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 36.91 रुपये प्रति किलो रही, जबकि एक साल पहले यह 53.43 रुपये थी। यानी टमाटर 30.92 प्रतिशत सस्ता हुआ है। थोक बाजार में भी गिरावट और तेज है। टमाटर की अखिल भारतीय औसत थोक कीमत 16 अगस्त को 2.841.50 रुपये प्रति क्विटल रही, जो एक साल पहले 4.300.82 रुपये थी। यानी थोक भाव में करीब 33.93 प्रतिशत की गिरावट आई है। चार शहरों में टमाटर की कीमत दिल्ली में 45 रुपये, मुंबई में 38 रुपये, चेन्नई में 38 रुपये और रांची में 43 रुपये किलो रही।
टमाटर ने दी बड़ी राहत

जहां प्याज के बढ़े दाम रसोई का बजट बिगाड़ रहे हैं, वहीं टमाटर ने उपभोक्ताओं को राहत दी है। टमाटर की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 36.91 रुपये प्रति किलो रही, जबकि एक साल पहले यह 53.43 रुपये प्रति किलो थी।
इस तरह टमाटर के दाम में एक साल में 30.92 फीसदी की गिरावट आई है।
थोक बाजार में भी टमाटर की कीमत में कमी दर्ज की गई। 16 अगस्त को इसकी अखिल भारतीय औसत थोक कीमत 2,841.50 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि एक साल पहले यह 4,300.82 रुपये प्रति क्विंटल थी। यानी थोक भाव में करीब 33.93 फीसदी की गिरावट हुई।
दालों में बड़ी राहत नहीं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में

दालों की तस्वीर अपेक्षाकृत संतुलित है। अरहर दाल की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 121.82 रुपये किलो रही और सालाना आधार पर इसमें 3.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उड़द दाल 6.60 प्रतिशत महंगी हुई है। इसके उलट चना दाल करीब 2 प्रतिशत, मूंग दाल 0.38 प्रतिशत और मसूर दाल 1.15 प्रतिशत सस्ती हुई है।
कुल मिलाकर रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की कीमतों में इस समय बढ़ोतरी और राहत दोनों का असर देखने को मिल रहा है। चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतें जहां चिंता बढ़ा रही हैं, वहीं टमाटर और कुछ दालों के सस्ते होने से उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है।
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