रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
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हरिद्वार 2026। आगामी कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को जीआरपी मुख्यालय हरिद्वार के सभागार में पुलिस अधीक्षक रेलवे उत्तराखंड अरुणा भारती की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जीआरपी, आरपीएफ, रेलवे, जिला पुलिस और प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में कुंभ मेले के दौरान रेलवे स्टेशनों पर संभावित श्रद्धालु भीड़ के प्रबंधन, रेल एवं पैदल यातायात, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं को लेकर व्यापक चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य कुंभ मेले के दौरान देशभर से हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना रहा।
रेलवे ट्रैफिक और पैदल यातायात प्लान पर चर्चा
समन्वय बैठक में कुंभ मेले के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्री दबाव को देखते हुए रेलवे ट्रैफिक प्लान और पैदल यातायात प्लान को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने सामान्य दिनों के अलावा सप्ताहांत और प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान संभावित भीड़ के अनुसार अलग-अलग व्यवस्थाएं तैयार करने पर विचार किया।
बैठक में ट्रेनों की बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने, यात्रियों के स्टेशन पर प्रवेश और निकास को सुगम बनाने तथा भीड़ के दबाव के अनुसार यातायात को नियंत्रित करने के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की गई। इसके अलावा रेलवे टिकट चेकिंग व्यवस्था और अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों के प्रभावी संचालन से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे। अधिकारियों ने यात्रियों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए पहले से कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बताई।

कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए होल्डिंग एवं स्क्रूटनिंग एरिया के सीमांकन तथा उनकी क्षमता, कुंभ मेला-2027 में स्थापित होने वाले थाना/चौकियों के सीमांकन और पुलिस बल के चरणवार व्यवस्थापन पर चर्चा की गई। साथ ही पुलिस बल के ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन एवं इमरजेंसी इवैक्यूएशन प्लान तैयार करने तथा विभिन्न संभावित परिस्थितियों के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्री स्वास्थ्य सेवाओं एवं एम्बुलेंस प्रबंधन की व्यवस्था की समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ इंटेलिजेंस, एंटी-सबोटाज एवं बम निरोधक दस्ते की व्यवस्था तथा अग्निशमन सुरक्षा की स्थिति पर भी चर्चा की गई। रेलवे स्टेशनों पर की गई संयुक्त सुरक्षा समीक्षा की रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए, ताकि चिन्हित कमियों का समयबद्ध समाधान किया जा सके।
आपदा प्रबंधन और इमरजेंसी प्लान पर चर्चा
बैठक में किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन और इमरजेंसी इवैक्यूएशन प्लान तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। संभावित आपात परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मानक प्रचालन प्रक्रिया यानी SOP विकसित करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपात स्थिति में त्वरित समन्वय सुनिश्चित करने की जरूरत पर विचार किया। रेलवे स्टेशन और भीड़ वाले क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति के दौरान लोगों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने, वैकल्पिक मार्गों की पहचान और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करने को लेकर भी योजना तैयार किए जाने पर जोर दिया गया।
बैठक में अमृत भारत योजना के अंतर्गत रेलवे की ओर से किए जा रहे छोटे और बड़े निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा भी की गई। रेलवे स्टेशनों पर निर्मित और निर्माणाधीन फुट ओवर ब्रिज, सीढ़ियों, अंडरपास और अन्य आधारभूत संरचनाओं से संबंधित जानकारी अधिकारियों ने साझा की। इन संरचनाओं की डिजाइन, लाइटिंग और सेवा अवधि से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में उपलब्ध सुविधाओं की वर्तमान स्थिति और कुंभ मेले के दौरान बढ़ने वाले यात्री दबाव के अनुरूप उनकी क्षमता का आकलन करने की आवश्यकता बताई।
स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा स्वचालित सीढ़ियों, फुट ओवर ब्रिज, अंडरपास और प्लेटफॉर्म की क्षमता का जायजा लेने पर चर्चा हुई। बैठक में सुरक्षा जांच से जुड़े संसाधनों की उपलब्धता और आवश्यकता का भी आकलन किया गया। इनमें HHMD, DFMD, बैगेज स्कैनर और मिरर जैसे सुरक्षा उपकरण शामिल हैं। अधिकारियों ने रेलवे स्टेशनों पर संयुक्त सुरक्षा समीक्षा के दौरान सामने आने वाली कमियों को चिन्हित कर उनका समयबद्ध समाधान करने पर जोर दिया। इसके लिए संयुक्त सुरक्षा समीक्षा की रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए।
कुली, वेंडर और वाहन चालकों के सत्यापन पर चर्चा
कुंभ मेले के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में कुली, वेंडर और स्थानीय परिवहन से जुड़े लोग सक्रिय रहेंगे। इसे देखते हुए इनसे जुड़े व्यक्तियों के सत्यापन की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। बैठक में कुली, वेंडर, रिक्शा एवं ई-रिक्शा चालक, ऑटो चालक और तांगा चालकों के सत्यापन को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता बताई गई। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए स्टेशन परिसर से जुड़े विभिन्न सेवा प्रदाताओं की व्यवस्थाओं को पहले से व्यवस्थित करना जरूरी है।
बैठक में रेलवे स्टेशनों और संभावित पार्किंग एवं होल्डिंग एरिया का भौतिक निरीक्षण करने पर भी सहमति बनी। निरीक्षण के दौरान उपलब्ध स्थान, यात्री क्षमता, यातायात की स्थिति, प्रवेश-निकास मार्ग और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का जायजा लिया जाएगा। भौतिक निरीक्षण के बाद आवश्यक स्थानों को चिन्हित कर संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के बीच हुई चर्चा में इस बात पर सहमति बनी कि कुंभ मेले की तैयारियों को अंतिम समय पर छोड़ने के बजाय सभी व्यवस्थाओं की समय रहते समीक्षा और परीक्षण किया जाए।
कुंभ मेला-2027 जैसे बड़े आयोजन में रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ, जिला पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर से तैयारियों और संभावित आवश्यकताओं पर विचार साझा किए। समन्वय बैठक में तय किए गए बिंदुओं के आधार पर आगे संबंधित विभागों की ओर से कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। रेलवे स्टेशनों की क्षमता, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण जैसे विषयों पर लगातार समीक्षा की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक रेलवे अरुणा भारती की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में भौतिक निरीक्षण और विभागीय स्तर पर तैयारियों की समीक्षा के बाद व्यवस्थाओं को और स्पष्ट रूप दिया जाएगा। कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम रहे, इसके लिए रेलवे और सुरक्षा से जुड़े विभागों की तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
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