खटीमा गोलीकांड के शहीदों को CM धामी ने किया नमन, बोले- उनके सपनों का उत्तराखंड बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलिखटीमा गोलीकांड के शहीदों को CM धामी ने किया नमन, बोले- उनके सपनों का उत्तराखंड बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि

सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

खटीमा, 1 सितंबर 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने खटीमा गोलीकांड में शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के संघर्ष और उसमें शामिल आंदोलनकारियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड का निर्माण लंबे संघर्ष और अनेक लोगों के त्याग एवं बलिदान के बाद हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिक उन सभी बलिदानियों के प्रति सदैव ऋणी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों के आदर्शों और उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए राज्य सरकार की नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3 हजार रुपये मासिक पेंशन से बढ़ाकर 5500 शुरू की है

, साथ ही घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 7000 रुपये और सक्रिय आंदोलनकारियों को 5500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। नए कानून के अंतर्गत चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 98 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

खटीमा गोलीकांड के शहीदों को CM धामी ने किया नमन, बोले- उनके सपनों का उत्तराखंड बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के आंदोलन में नारी शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, उन्होंने आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया। राज्य निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका को देखते हुए ही राज्य सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। राज्य के समग्र विकास के साथ ही प्रदेश के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू किया है। देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके बाद लगभग 34 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।

खटीमा गोलीकांड के शहीदों को किया नमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में खटीमा गोलीकांड में शहीद हुए भगवान सिंह सिरौला, प्रताप सिंह, रामपाल, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानंद भट्ट और परमजीत सिंह को याद किया। उन्होंने कहा कि 1 सितंबर का दिन उन अमर बलिदानियों को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के आंदोलन के दौरान अपना सर्वस्व न्योछावर किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन बलिदानियों के योगदान को उत्तराखंड का समाज लंबे समय तक याद रखेगा। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं ने उत्तराखंड के अधिकारों और अलग राज्य की मांग को लेकर संघर्ष को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम में राज्य आंदोलन, आंदोलनकारियों की योजनाओं और सरकार के विभिन्न फैसलों का उल्लेख किया गया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक खटीमा भुवन कापड़ी, विधायक नानकमत्ता गोपाल सिंह राणा, विधायक रूद्रपुर शिव अरोरा,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जा राज्य मंत्री सुभाष बरथावल,डॉ.अनिल कपूर डब्बू किशन सिंह किन्ना, गंभीर सिंह धामी, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी,मोहिनी पोखरिया,मोहन पाठक, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा,पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा,दान सिंह रावत, नंदन सिंह खड़ायत, भगवान जोशी, जीवन सिंह धामी, अमित पांडे,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी, गौरव पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, राज्य आंदोलनकारी एवं जनता मौजूद थी।

शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने पर जोर

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों को पूरा करना सरकार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं के क्षेत्र में आगे ले जाना ही राज्य आंदोलनकारियों के प्रति वास्तविक सम्मान होगा। मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के इतिहास को याद करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को उन संघर्षों और बलिदानों के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए,

जिनके बाद उत्तराखंड एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। खटीमा में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम राज्य आंदोलन के इतिहास और उसमें योगदान देने वाले शहीदों की स्मृति को समर्पित रहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।

यह भी पढ़ें – इब्राहिमपुर में स्कूल की जमीन से अतिक्रमण हटाया शिक्षा विभाग को सौंपी गई भूमि…

उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं

 यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!

यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

By ATHAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *