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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार स्वस्थ शरीर और संतुलित जीवनशैली आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। इसी विषय को ध्यान में रखते हुए गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग में बीपीएड प्रशिक्षु छात्रों के लिए “स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन और वेट मैनेजमेंट” विषय पर प्रेरक एवं समस्या समाधान व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार चौहान ने छात्रों को संतुलित आहार, पोषक तत्वों के महत्व और आधुनिक जीवनशैली के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
भोजन और पोषक तत्वों का महत्व
अपने संबोधन में डॉ. चौहान ने कहा कि भोजन में पोषक तत्वों का संतुलन होना स्वास्थ्य की प्राथमिक आवश्यकता है। यदि शरीर को आवश्यक पोषण नहीं मिलता, तो वह धीरे-धीरे रोगों का घर बन सकता है। उन्होंने बताया कि एक सामान्य व्यक्ति और एक खिलाड़ी—दोनों के लिए संतुलित भोजन अनिवार्य है। खिलाड़ी के लिए ऊर्जा, सहनशक्ति और मांसपेशियों की मजबूती के लिए विशेष पोषण की आवश्यकता होती है, जबकि सामान्य व्यक्ति के लिए यह दैनिक कार्यक्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने में सहायक है।
डॉ. चौहान ने स्पष्ट किया कि भोजन में असंतुलन, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधि की कमी मोटापे का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि आधुनिक परिवेश में मोटापा एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। उनके अनुसार, “शरीर की नाराजगी ही मोटापे का कारण बनती है।” जब हम शरीर की जरूरतों के अनुसार पोषण और व्यायाम नहीं करते, तो शरीर में वसा का संचय बढ़ने लगता है। यह आगे चलकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।
व्याख्यान के दौरान बीपीएड प्रशिक्षु छात्रों को विशेष रूप से यह बताया गया कि छात्र जीवन में ही सही आदतें अपनाना जरूरी है। यदि इस अवस्था में संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम की आदत विकसित कर ली जाए, तो भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। डॉ. चौहान ने कहा कि बिना किसी दवा या चिकित्सकीय सलाह के भी केवल संतुलित आहार और सक्रिय दिनचर्या अपनाकर वजन को नियंत्रित रखा जा सकता है। उन्होंने छात्रों को जंक फूड से बचने, समय पर भोजन करने और रोजाना कम से कम 30–45 मिनट व्यायाम करने की सलाह दी।
खेल और पोषण का संबंध
स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और मिनरल्स का संतुलित सेवन आवश्यक है।
- कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।
- प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में सहायक है।
- विटामिन और मिनरल्स शरीर की कार्यप्रणाली को सुचारू रखते हैं।
- उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए केवल अभ्यास ही नहीं, बल्कि सही आहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे संवादात्मक रूप भी दिया गया। छात्रों ने मोटापा, डाइट प्लान और फिटनेस से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. चौहान ने सरल भाषा में समाधान किया। इस अवसर पर बीपीएड प्रशिक्षुओं में कार्तिकेय कुमार, रूद्र कुमार, लोकेश कुमार, प्रशांत राणा, अंकुर शर्मा, वंश नेगी, निशांत कुमार, अंश शर्मा, निमेश गौतम और सिद्धार्थ सहित अन्य छात्र उपस्थित रहे।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का यह प्रयास छात्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आज जब युवाओं में मोटापा और जीवनशैली संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को भविष्य में नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही है।
स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन और वेट मैनेजमेंट पर आयोजित यह व्याख्यान छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी रहा। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है। यदि छात्र जीवन में ही सही खानपान और फिटनेस की आदत डाल ली जाए, तो भविष्य में अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का यह प्रयास निश्चित रूप से युवाओं को स्वस्थ और जागरूक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
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