रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…
हरिद्वार 2026। केंद्रीय जल शक्ति एवं रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने बुधवार को हरिद्वार जनपद का भ्रमण कर बहादराबाद स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट और जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित सुल्तानपुर माजरी पेयजल योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति, संचालन, रखरखाव और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ उनके नियमित संचालन और अनुरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीणों को इनका लाभ लगातार मिलता रहे।
भ्रमण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्वच्छता व्यवस्था, प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता बनाए रखने तथा सामने आने वाली कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने डाम कोठी में अधिकारियों के साथ बैठक कर जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा भी की।
बहादराबाद में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था देखी
केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने सबसे पहले ग्राम पंचायत बहादराबाद स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने क्षेत्र से एकत्र किए जाने वाले कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण और निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। स्वजल और जिला पंचायत विभाग के अधिकारियों ने उन्हें यूनिट की कार्यप्रणाली तथा कचरा प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने और कचरे के उचित निस्तारण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने पर जोर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे का व्यवस्थित संग्रहण और पृथक्करण स्थानीय स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में संबंधित विभागों के बीच समन्वय और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। मंत्री ने स्वच्छता कार्यों में इस्तेमाल किए जा रहे वैक्यूम सक्शन वाहन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वाहन की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता से जुड़े कार्यों में इसका प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।
सुल्तानपुर माजरी पेयजल योजना का किया निरीक्षण
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के निरीक्षण के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित सुल्तानपुर माजरी पेयजल योजना का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने योजना से जुड़े अधिकारियों से निर्माण कार्य, पेयजल आपूर्ति और रखरखाव की जानकारी प्राप्त की। मंत्री ने स्थानीय उपभोक्ताओं से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें पेयजल की उपलब्धता, गुणवत्ता और नियमित आपूर्ति के संबंध में कैसी सुविधाएं मिल रही हैं। ग्रामीणों से सीधे संवाद के माध्यम से योजना के संचालन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी ली गई।
उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं का निर्माण पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित संचालन और समय-समय पर रखरखाव भी जरूरी है। योजनाओं का लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे पेयजल सुविधाओं के संरक्षण में सहयोग करें और पानी की उपलब्धता तथा स्वच्छता से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक रहें।

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल योजनाओं के संचालन में लगे कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ग्राम स्तर पर गठित पेयजल एवं स्वच्छता समितियों को भी योजनाओं के संचालन, रखरखाव और नियमित देखरेख से संबंधित प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की सफलता के लिए तकनीकी व्यवस्था के साथ स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करना भी महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षित कर्मचारी और सक्रिय ग्राम समितियां आपूर्ति में आने वाली समस्याओं की पहचान करने, नियमित निगरानी रखने और आवश्यक सुधार कराने में सहयोग कर सकती हैं।
इस अवसर पर भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के संयुक्त सचिव डी. सेंथिल पांडियन ने भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नव-निर्मित पेयजल योजनाओं को विभाग की ओर से 15 दिनों तक संचालित कर उनकी कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाए। इस अवधि में यदि किसी प्रकार की कमी या तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसे चिह्नित कर आवश्यक सुधार किए जाएं। इसका उद्देश्य योजनाओं को व्यवस्थित ढंग से संचालित करना और ग्रामीणों को नियमित पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
भ्रमण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने ग्रामीणों से संवाद कर विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। साथ ही लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कचरे का उचित निस्तारण करने और अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की।
स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। यदि कचरे का उचित प्रबंधन किया जाए और जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई रखी जाए तो सार्वजनिक स्वच्छता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इस दिशा में प्रशासन के प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
डाम कोठी में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक
निरीक्षण कार्यक्रम के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने डाम कोठी में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद में संचालित कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में शत-प्रतिशत पूरे किए जाएं।
उन्होंने पेयजल योजनाओं की गुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित संचालन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। साथ ही योजनाओं के रखरखाव की व्यवस्था मजबूत करने तथा कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए निर्माण से लेकर संचालन तक प्रत्येक चरण पर ध्यान देना आवश्यक है। अधिकारियों को निर्देशों के अनुपालन और कार्यों की प्रगति पर नजर रखने को कहा गया।
हरिद्वार पहुंचने पर प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना का गंगाजली भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने मंत्री को आश्वस्त किया कि निरीक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों का संबंधित अधिकारियों से अनुपालन कराया जाएगा।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जल जीवन मिशन की प्रबंध निदेशक एवं पेयजल और स्वच्छता विभाग की अपर सचिव झरना कमठान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में अन्य अधिकारियों के नामों का विवरण आगे पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं है।
केंद्रीय राज्य मंत्री का यह दौरा हरिद्वार में पेयजल योजनाओं की प्रगति, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों में योजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ उनके नियमित संचालन, तकनीकी परीक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होगी कि वे निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखें।
यह भी पढ़ें – कुंभ मेला-2027 की तैयारी तेज हरिद्वार में 21 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चलेगा वृहद स्वच्छता अभियान…
उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं
यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

