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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार। जनपद में क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने और लोगों को सुरक्षित व सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के लिए सड़क मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत 15 अक्टूबर तक जनपद की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शुक्रवार को विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सड़क मरम्मत और टाइल्स निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुराना एआरटीओ से भारत माता मंदिर मार्ग तथा आयरिश पुल के पास धोबी घाट (बैरागी कैंप) मार्ग पर चल रहे टाइल्स निर्माण एवं सड़क मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सप्तसरोवर क्षेत्र में पुराने एआरटीओ से भारत माता मंदिर मार्ग तथा आयरिश पुल के पास धोबी घाट, बैरागी कैंप मार्ग पर चल रहे टाइल्स निर्माण एवं सड़क मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, इस्तेमाल की जा रही सामग्री और निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जा रहे कार्यों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। डीएम ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत और टाइल्स निर्माण का काम निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में राष्ट्रीय राजमार्ग जो कांवड़ यात्रा एवं भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है,उससे गड्ढा मुक्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है,उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में 15 अक्टूबर तक जनपद के सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि सड़क मरम्मत एवं टाइल्स निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं।
सड़क मरम्मत के साथ जल निकासी व्यवस्था पर भी जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था को भी बेहतर किया जा रहा है। बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में सड़क किनारे पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जल निकासी व्यवस्था में सुधार होने से ऐसे क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के दौरान नालियों और जल निकासी की व्यवस्था को भी ध्यान में रखा जाए। जहां आवश्यक हो, वहां जल निकासी से संबंधित कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन कराया जाए तथा सभी सड़क मरम्मत कार्यों को समयबद्ध और त्वरित गति से पूरा किया जाए, ताकि जनपदवासियों को बेहतर एवं सुरक्षित सड़क सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इस दौरान साईट इंजीनियर एनएचएआई रुड़की आकाश सिंह,जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि सड़क मरम्मत और टाइल्स निर्माण कार्य केवल निर्धारित समय में पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर नजर रखी जाए और कार्य की नियमित निगरानी की जाए। इसके साथ ही निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा और भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य प्रमुख मार्गों को भी प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क की स्थिति का नियमित निरीक्षण किया जाए और जहां तत्काल मरम्मत की आवश्यकता हो, वहां बिना अनावश्यक देरी के काम शुरू कराया जाए। इसका उद्देश्य बारिश के मौसम के बाद भी सड़कों की स्थिति को बेहतर बनाए रखना और आम लोगों के आवागमन को सुगम बनाना है। सप्तसरोवर, बैरागी कैंप और अन्य संबंधित क्षेत्रों में सड़क मरम्मत एवं टाइल्स निर्माण पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों तथा अन्य यात्रियों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था में सुधार से भी लोगों को लाभ मिल सकता है।
हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले जिले में सड़क एवं यातायात व्यवस्था का सीधा संबंध स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले यात्रियों की सुविधा से भी है। ऐसे में सड़क सुधार कार्यों को समय पर पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार आने वाले समय में जनपद के अन्य क्षतिग्रस्त मार्गों पर भी मरम्मत कार्यों में तेजी लाने की तैयारी है। अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान एनएचएआई रुड़की के साइट इंजीनियर आकाश सिंह, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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