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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार 10 जून 2026
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरिद्वार जनपद के विकासखंड नारसन में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ग्राम मखदुमपुर स्थित नारी शक्ति सीएलएफ में महिलाओं की आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से वैल्यू चेन आधारित आटा चक्की का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्घाटन खंड विकास अधिकारी पवन सिंह सैनी द्वारा किया गया।
यह पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए इस प्रकार के सामूहिक उद्यमों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ब्लॉक टीम, ग्रामोत्थान रीप टीम, सीएलएफ स्टाफ, समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय मीडिया तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खंड विकास अधिकारी पवन सिंह सैनी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह आज ग्रामीण विकास की रीढ़ बनते जा रहे हैं। महिलाओं को केवल बचत तक सीमित न रखते हुए उन्हें उत्पादन और व्यवसाय से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वैल्यू चेन आधारित आटा चक्की जैसी परियोजनाएं महिलाओं को स्थायी आय का साधन प्रदान करेंगी। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे समूह आधारित उद्यमों के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें। उनका कहना था कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान एनआरएलएम टीम द्वारा महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों, समूह संचालन, वित्तीय समावेशन, बैंकिंग सुविधाओं तथा उद्यम विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। महिलाओं को बताया गया कि किस प्रकार सामूहिक प्रयासों के माध्यम से छोटे व्यवसायों को सफल बनाया जा सकता है। वहीं ग्रामोत्थान ब्लॉक टीम ने महिलाओं को व्यवसाय संचालन, उत्पाद की गुणवत्ता, विपणन रणनीति और आय बढ़ाने के विभिन्न उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि महिलाएं संगठित होकर कार्य करें तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।
महिलाओं ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन्हें घर के आसपास ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। कई महिलाओं ने इसे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल बताया। उनका कहना था कि ऐसी योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वैल्यू चेन आधारित आटा चक्की न केवल रोजगार का माध्यम बनेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण खाद्य प्रसंस्करण सेवाएं भी उपलब्ध कराएगी। इससे महिलाओं को नियमित आय प्राप्त होने की संभावना बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक रूप से महिलाओं की आर्थिक उन्नति और सामाजिक विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही यह विश्वास व्यक्त किया गया कि भविष्य में इस प्रकार की और भी आजीविका आधारित परियोजनाएं संचालित की जाएंगी, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ मिल सके। ग्रामीण विकास से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि स्वयं सहायता समूहों को इसी प्रकार तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन सहयोग मिलता रहा तो वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकते हैं। मखदुमपुर में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।
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