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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार । जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 60 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 28 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया।
जनसुनवाई कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को प्रशासन से सीधे संवाद का अवसर उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व, भूमि विवाद, अतिक्रमण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, जलभराव और सड़क संबंधी समस्याओं से जुड़ी रहीं। विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा।

भगतनपुर आबिदपुर क्षेत्र की निवासी सविता चौहान ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनके स्वामित्व वाले प्लॉट पर पड़ोसी व्यक्ति द्वारा कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने प्रशासन से भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की। इस मामले को संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा गया। इसी प्रकार ग्राम कांगड़ी की गली नंबर-6 के निवासियों ने लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर शिकायत प्रस्तुत की। स्थानीय लोगों का कहना था कि गली में पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने से उन्हें रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने संबंधित विभाग को तत्काल जांच कर समाधान के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान सहदेवपुर निवासी राजपाल ने अपनी कृषि भूमि की पैमाइश कराए जाने की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि आसपास के कुछ काश्तकारों द्वारा उनकी भूमि का हिस्सा अपनी जमीन में मिला लिया गया है, जिससे वास्तविक रकबा कम हो रहा है। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को स्थलीय निरीक्षण कर निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कई अन्य शिकायतकर्ताओं ने भी भूमि अतिक्रमण, सीमांकन और कब्जे से जुड़े मामलों को प्रशासन के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि विवादों का समाधान कानून सम्मत और पारदर्शी तरीके से किया जाएग

गुरुकुल कांगड़ी क्षेत्र के निवासी नरेंद्र अरोड़ा ने बरसाती नदी से उत्पन्न होने वाली बाढ़ और जलभराव की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सलेमपुर, गढ़मीरपुर, सुमन नगर और पतंजलि क्षेत्र के आसपास हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि शुभम विहार और द्वारिका क्षेत्र के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्माणाधीन नाले का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। इससे स्थानीय नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
शिवदासपुर उर्फ तेलीवाला ग्राम पंचायत के निवासी कुलदीप कुमार ने जल निकासी की समस्या को लेकर आवेदन दिया। वहीं मीरपुर मुवाजपुर निवासी मुकेश कुमार ने घर के सामने अवैध निर्माण और नाली का पानी सड़क पर आने से हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। इसके अलावा कौशल्या देवी ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन आवंटित किए जाने की मांग की। संबंधित विभागों को इन मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता द्वारा दर्ज कराई जा रही समस्याओं का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। यदि किसी अधिकारी द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती जाती है तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज सभी शिकायतों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। समीक्षा के दौरान पाया गया कि 36 दिनों से अधिक समय से कई शिकायतें लंबित हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एल-1 स्तर पर 566 तथा एल-2 स्तर पर 128 शिकायतें निस्तारण की प्रतीक्षा में हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने और शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया केवल औपचारिकता न बने, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि जनता का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।
हर सोमवार आयोजित होने वाला जनसुनवाई कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी मंच बनता जा रहा है। इससे लोगों को अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिलता है तथा विभागों की जवाबदेही भी तय होती है। जनसुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल, सहायक आयुक्त खाद्य महिमानंद जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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