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हरिद्वार।
आगामी अर्द्धकुंभ मेला-2027 को लेकर यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर एक विशेष मेडिकल कैंप एवं सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एसपी रेलवेज़ जीआरपी एवं कप्तान जीआरपी उत्तराखंड अरुणा भारती के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट, जॉली ग्रांट, देहरादून की प्रशिक्षित चिकित्सक टीम द्वारा जीआरपी एवं आरपीएफ के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आकस्मिक घटनाओं में फर्स्ट रेस्पांस देने हेतु प्रशिक्षित किया गया।

पुलिस को बनाया गया फर्स्ट रेस्पांडर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह था कि किसी भी आपात स्थिति, विशेषकर हार्ट अटैक, बेहोशी, दुर्घटना या भीड़भाड़ में अचानक होने वाली घटनाओं के दौरान पुलिस कर्मी फर्स्ट रेस्पांडर के रूप में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में अचानक किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने या कोई आकस्मिक घटना होने पर पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंचती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस कर्मियों को सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण देना नितांत आवश्यक माना गया।
हिमालयन इंस्टिट्यूट के चिकित्सकों ने दिया प्रशिक्षण
हिमालयन इंस्टिट्यूट जॉली ग्रांट देहरादून के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. सुनील खंडूरी एवं उनकी टीम द्वारा पुलिस कर्मियों को सीपीआर की तकनीक, इसके सही तरीके और सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
चिकित्सकों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक आता है, तो शुरुआती तीन मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इन तीन मिनटों के भीतर यदि पीड़ित को सही तरीके से सीपीआर मिल जाए, तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 66 प्रतिशत लोगों की जान बचाई जा सकती है।
व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि डेमो मॉडल के माध्यम से पुलिस कर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। पुलिस कर्मियों ने स्वयं सीपीआर की प्रक्रिया को अभ्यास के तौर पर सीखा, जिससे वास्तविक स्थिति में वे बिना घबराहट के सही कदम उठा सकें।
सांप के काटने और बेहोशी पर उपचार की जानकारी
चिकित्सकों द्वारा पुलिस कर्मियों को सांप के काटने, अचानक बेहोश हो जाने, सांस रुकने जैसी परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार के संबंध में भी विस्तार से बताया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि प्रथम दृष्टया कैसे पहचाना जाए कि सांप जहरीला है या नहीं और ऐसी स्थिति में तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए, जिससे मरीज की जान बचाई जा सके।
अर्द्धकुंभ 2027 को लेकर विशेष तैयारी
कप्तान जीआरपी उत्तराखंड अरुणा भारती ने इस अवसर पर कहा कि आगामी अर्द्धकुंभ मेला-2027 के दौरान हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों का आगमन होगा। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जीआरपी एवं आरपीएफ पुलिस को तकनीकी और मेडिकल रूप से सक्षम बनाना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी सहायता दी जा सके।
कई थानों के पुलिसकर्मियों ने लिया भाग
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में
- थाना जीआरपी हरिद्वार
- थाना जीआरपी देहरादून
- थाना जीआरपी लक्सर
- जीआरपी पुलिस कार्यालय/लाइन
- आरपीएफ पोस्ट हरिद्वार
के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा लाभ
इस प्रकार के प्रशिक्षण से रेलवे स्टेशन पर तैनात पुलिसकर्मी न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम होंगे, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से जीवन रक्षक की भूमिका भी निभा सकेंगे। इससे यात्रियों में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत होगी।
अधिकारी व कर्मचारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम के दौरान कप्तान जीआरपी अरुणा भारती, जीआरपी एवं आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी तथा मेडिकल टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
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