हरिद्वार के अपर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेते जिलाधिकारी मयूर दीक्षितहरिद्वार के अपर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेते जिलाधिकारी मयूर दीक्षित

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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हरिद्वार 2026। जनपद की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अपर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से बातचीत की और पाठ्यक्रम से संबंधित सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक समझ का जायजा लिया। विद्यालय भवन की स्थिति देखने के बाद जिलाधिकारी ने पुराने भवन के स्थान पर नया विद्यालय भवन बनाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद को दिए।

जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की पढ़ाई, शिक्षण व्यवस्था और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से गणित के सवाल भी पूछे, जिनका विद्यार्थियों ने सही उत्तर दिया। बच्चों के प्रदर्शन पर जिलाधिकारी ने उनका उत्साहवर्धन किया और पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि की सराहना की। प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना था। जिलाधिकारी ने शिक्षिकाओं को निर्देश दिए कि बच्चों को पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा के साथ व्यावहारिक जानकारी भी दी जाए, ताकि वे कक्षा में सीखी गई बातों को दैनिक जीवन में इस्तेमाल करना सीख सकें।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित कक्षाओं में पहुंचे और छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने पाठ्यक्रम से जुड़े प्रश्न पूछे तथा गणित के सवाल हल करने को भी कहा। प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, विद्यार्थियों ने पूछे गए सवालों के सही उत्तर दिए।

बच्चों के जवाब से उत्साहित जिलाधिकारी ने उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने शिक्षण व्यवस्था में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और पढ़ाई के प्रति रुचि को महत्वपूर्ण बताया। कक्षा में बच्चों से सीधे संवाद करने का उद्देश्य उनकी समझ, सीखने की प्रक्रिया और शैक्षणिक स्थिति का जायजा लेना भी रहा। विद्यालयों में इस तरह के निरीक्षण से प्रशासन को शिक्षण व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति समझने में मदद मिल सकती है। इसके आधार पर जरूरत के अनुसार सुधार और विकास से जुड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

जिलाधिकारी ने विद्यालय की शिक्षिकाओं को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा न दी जाए, बल्कि उन्हें दैनिक जीवन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के दौरान यह समझने का अवसर मिलना चाहिए कि किताबों में सीखी गई बातें वास्तविक जीवन में किस तरह उपयोगी हो सकती हैं।

व्यावहारिक शिक्षा से विद्यार्थियों में समस्याओं को समझने, समाधान खोजने और अपने ज्ञान का उपयोग करने की क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए कक्षा में उदाहरणों, गतिविधियों और विद्यार्थियों के साथ संवाद को भी उपयोगी माना जाता है। विद्यालय स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए शिक्षण पद्धति के साथ-साथ बच्चों की सीखने की जरूरतों पर ध्यान देना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने इसी दिशा में शिक्षिकाओं को आवश्यक निर्देश दिए।

हरिद्वार के अपर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेते जिलाधिकारी मयूर दीक्षित

पुराने भवन की जगह नए विद्यालय भवन का प्रस्ताव बनाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय भवन की स्थिति का भी जायजा लिया। पुराने भवन के स्थान पर नया विद्यालय भवन बनाने की जरूरत को देखते हुए उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय भवन किसी भी शैक्षणिक संस्थान की बुनियादी सुविधाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भवन की स्थिति, कक्षाओं की उपलब्धता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखना जरूरी है।

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद नए भवन से संबंधित प्रस्ताव तैयार किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। हालांकि, जारी प्रेस विज्ञप्ति में निर्माण कार्य की लागत, प्रस्तावित भवन की क्षमता या निर्माण शुरू होने की समयसीमा का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में खेल मैदान की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

खेलकूद से बच्चों में शारीरिक सक्रियता बढ़ने के साथ अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा पहचानने का अवसर देती हैं। विद्यालयों में पर्याप्त खेल स्थान उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। जिलाधिकारी ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ इन सुविधाओं की आवश्यकता पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं के विकास और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की भूमिका, बुनियादी ढांचे, विद्यार्थियों की उपस्थिति और सीखने के अनुकूल वातावरण जैसे पहलू महत्वपूर्ण होते हैं। विद्यालयों का निरीक्षण इन व्यवस्थाओं की स्थिति समझने और आवश्यक सुधारों की पहचान करने का एक माध्यम है। अपर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान भवन की स्थिति, बच्चों की शैक्षणिक समझ और खेल सुविधाओं की जरूरत जैसे विषय सामने आए। नए भवन के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय अपर रोड के निरीक्षण के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद, प्रधानाध्यापिका श्रीमती सपना रानी और जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह मौजूद रहे। इसके अलावा विद्यालय की शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे।

प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक सुधारों के संबंध में निर्देश दिए। अब नए विद्यालय भवन के प्रस्ताव की तैयारी और विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने से जुड़े कदम आगे की प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। भवन निर्माण की वास्तविक स्थिति, स्वीकृति और समयसीमा संबंधित प्रस्ताव तथा सक्षम स्तर से मिलने वाली मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी।

जिलाधिकारी के इस निरीक्षण में तीन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दिया गया—विद्यार्थियों की शैक्षणिक समझ का आकलन, पुराने विद्यालय भवन के स्थान पर नया भवन बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करना और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल मैदान जैसी सुविधाओं की जरूरत पर जोर देना। प्रशासन की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयासों के तहत विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षण प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा रहा है। अपर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण इसी क्रम में किया गया।

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By ATHAR

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