रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
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हरिद्वार। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर शनिवार को हरिद्वार में राष्ट्रीय एकता दिवस श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। साथ ही सभी से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और आपसी सद्भाव के महत्व को याद करना तथा सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता और समर्पण का प्रतीक
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता, समर्पण और कर्मनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने देश को एकजुट करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर भारत को एक सूत्र में पिरोने का उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शिता के माध्यम से देश की एकता को मजबूत आधार प्रदान किया। उनके प्रयासों के कारण स्वतंत्रता के बाद अलग-अलग रियासतों में बंटे भारत को एक संगठित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली। यही कारण है कि उन्हें देश में लौह पुरुष के रूप में सम्मान दिया जाता है। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनका जीवन प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और समाज में एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रीय एकता और अखंडता बनाए रखने की दिलाई शपथ
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे राष्ट्र की एकता को मजबूत करने और देश के नागरिकों के बीच आपसी सद्भाव एवं भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे।
शपथ के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को यह संदेश दिया गया कि देश की एकता और अखंडता केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी महत्वपूर्ण दायित्व है। समाज में आपसी सहयोग, सम्मान और समानता की भावना बनाए रखकर ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। इस दौरान प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और जनहित को प्राथमिकता देने के महत्व पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा के साथ दायित्वों का पालन करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता और जिम्मेदारी के अनुसार योगदान देना चाहिए। सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी इस दिशा में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि अपने दायित्वों का समय पर और ईमानदारी से निर्वहन करना, आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना भी राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता, अनुशासन और समर्पण की भावना को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को प्राथमिकता दें। देश की विविधता को उसकी ताकत मानते हुए आपसी सहयोग और सद्भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आशीष वर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र राणा, प्रशासनिक अधिकारी रमेश चंद्र जोशी, प्रशासनिक अधिकारी नवीन मोहन भंडारी, प्रधान सहायक अंशुल चौहान और प्रधान सहायक शशांक कश्यप सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। साथ ही देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्रीय एकता दिवस प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य देशवासियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है। सरदार पटेल का जीवन इस बात का उदाहरण है कि मजबूत इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और सामूहिक प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। हरिद्वार कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से भी यही संदेश दिया गया कि देश की प्रगति और विकास के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को बनाए रखने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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