फिल्म हनुमान अंश की सफलता के बीच कैंची धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बीच कैंची धाम में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा।

रिपोर्टर (नसरा परवीन)

सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…

नैनीताल/भवाली । फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बीच उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की चर्चा सामने आई है। सोशल मीडिया पर कैंची धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कई वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में मंदिर क्षेत्र के आसपास लोगों की भीड़ और वाहनों की आवाजाही दिखाई दे रही है। भीड़ बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की बातें भी सामने आई हैं।

कैंची धाम लंबे समय से देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। बाबा नीब करौरी महाराज से जुड़े इस धार्मिक स्थल की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है। अब फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद सोशल मीडिया पर कैंची धाम और बाबा नीब करौरी से जुड़ी चर्चाओं के बीच यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने को लेकर भी ध्यान गया है। बढ़ती लोकप्रियता के साथ व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। खासकर भीड़, यातायात, पार्किंग और बुजुर्गों तथा जरूरतमंद लोगों की आवाजाही को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।

कैंची धाम नैनीताल जिले के भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां बाबा नीब करौरी महाराज के भक्त बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। सामान्य दिनों के अलावा विशेष अवसरों और छुट्टियों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद बाबा नीब करौरी महाराज और कैंची धाम का नाम एक बार फिर चर्चा में है। इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कैंची धाम के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दिखाई दे रही है।

कैंची धाम में जुट रही भारी भीड़ के बीच कंटेंट क्रिएटर ऐश्वर्या कांडपाल ने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट में बताया कि 2020 के बाद मीडिया और इंटरनेट पर कैंची धाम के बारे में तेजी से जानकारी का प्रसार हुआ। हाल ही में आई फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद तो यह धाम और भी मशहूर हो गया है। लेकिन अब नई समस्याएं और चुनौतियां देखी जा रही हैं। ऐसी स्थिति में धार्मिक स्थल की लोकप्रियता और स्थानीय यातायात व्यवस्था के बीच संतुलन बनाना जरूरी हो जाता है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ पार्किंग, पैदल आवागमन और आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखना महत्वपूर्ण हो सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भीड़ के वीडियो

कैंची धाम में भीड़ से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने की बात कही जा रही है। वीडियो में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र की ओर जाते और सड़क के आसपास दिखाई देते हैं। सोशल मीडिया पर इन वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ लोग इसे कैंची धाम की बढ़ती लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने भीड़ के कारण पैदा होने वाली व्यवस्थागत चुनौतियों पर सवाल उठाए हैं।

सोशल मीडिया पर सामने आने वाली हर जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं होती। ऐसे में भीड़ की वास्तविक संख्या या किसी विशेष घटना के बारे में अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जाना उचित होगा। स्थानीय लोग परेशान कंटेंट क्रिएटर ऐश्वर्या कांडपाल ने आगे लिखा- हम स्थानीय लोगों के लिए तो यह हमेशा से शांत और साधारण कैंची रहा है। 2010 के दशक के आखिर तक मंदिर में हर रोज औसतन 50 लोग प्रार्थना करने आते थे। मेरे माता-पिता बरसों से आश्रम से जुड़े रहे हैं। लेकिन भारी भीड़ की वजह से अब यहां जाना भी मुश्किल हो गया है। सड़कों पर क्षमता से ज्यादा भीड़ है। अब स्थानीय लोगों को सुबह 5 बजे ही घर से निकलना पड़ता है जबकि सफर महज 40 मिनट का है।

लेकिन किसी भी धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ व्यवस्थाओं की जरूरत भी बढ़ती है। सड़क की क्षमता, पार्किंग व्यवस्था, पैदल मार्ग, सार्वजनिक सुविधाएं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर पहले से योजना बनाना जरूरी हो जाता है। विशेष रूप से कैंची धाम जैसे पहाड़ी मार्ग पर स्थित धार्मिक स्थल में सड़क और पार्किंग की सीमाएं अलग तरह की होती हैं। ऐसे में अचानक बढ़ने वाली भीड़ स्थानीय यातायात व्यवस्था पर दबाव डाल सकती है।

कैंची धाम में भीड़ को लेकर सामने आई प्रतिक्रियाओं में बुजुर्गों और मरीजों की सुविधा का मुद्दा भी प्रमुख है। धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं में हर उम्र के लोग शामिल होते हैं। इनमें बुजुर्ग, बच्चे और स्वास्थ्य संबंधी जरूरत वाले लोग भी हो सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए लंबा ट्रैफिक जाम या भीड़ के बीच आवाजाही मुश्किल हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी आपात स्थिति में एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को बिना रुकावट रास्ता मिलना चाहिए।

कैंची धाम की लोकप्रियता बढ़ने के साथ यहां आने वाले लोगों की संख्या के अलावा सोशल मीडिया गतिविधियां भी बढ़ी हैं। कई लोग धार्मिक यात्रा के दौरान वीडियो बनाते हैं और अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। इसी को लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने चिंता जताई है कि धार्मिक स्थल पर आने वाले लोगों का ध्यान केवल दर्शन और आध्यात्मिक अनुभव तक सीमित रहने के बजाय वीडियो और व्लॉगिंग की ओर भी बढ़ रहा है। कैंची धाम की सबसे बड़ी पहचान बाबा नीब करौरी महाराज और उनसे जुड़े आध्यात्मिक विश्वासों से है। देश-विदेश में उनके अनुयायी हैं और बड़ी संख्या में लोग कैंची धाम को श्रद्धा की दृष्टि से देखते हैं।

धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिल सकता है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण, यातायात और स्थानीय जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। प्लास्टिक कचरा और ट्रैफिक जाम बन रहा मुसीबत ऐश्वर्या कांडपाल की मानें तो कैंची धाम में प्लास्टिक कचरा और ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बन रहा है। कांडपाल ने हॉर्न बजाने और सिगरेट के टुकड़े, प्लास्टिक की बोतलें और रैपर वहीं छोड़ देने के लिए श्रद्धालुओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे समझदारी दिखाएं और आश्रम के अंदर कचरा ना फैलाएं और ना ही वीडियो बनाएं।

प्रशासन के सामने बढ़ती भीड़ को संभालने की चुनौती

कैंची धाम की लोकप्रियता लगातार बढ़ने के साथ आने वाले समय में यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन के सामने यातायात प्रबंधन के साथ-साथ पार्किंग, पैदल मार्ग और आपातकालीन सेवाओं को व्यवस्थित करने की चुनौती रहेगी। विशेष अवसरों पर भीड़ का अनुमान लगाकर पहले से ट्रैफिक प्लान तैयार करना, पार्किंग की व्यवस्था करना और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना उपयोगी हो सकता है। कैंची धाम जैसे लोकप्रिय धार्मिक स्थल के लिए दीर्घकालिक भीड़ प्रबंधन योजना भी जरूरी हो सकती है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिले और स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

कैंची धाम की प्रसिद्धि अब उत्तराखंड से बाहर देश और दुनिया के कई हिस्सों तक पहुंच चुकी है। बाबा नीब करौरी महाराज के अनुयायियों की बड़ी संख्या और सोशल मीडिया के माध्यम से बढ़ती पहचान ने इस धार्मिक स्थल को और चर्चित बनाया है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बीच कैंची धाम में बढ़ती भीड़ की चर्चा इसी बदलते परिदृश्य का हिस्सा है। जहां एक ओर बढ़ती श्रद्धा और लोकप्रियता धार्मिक पर्यटन के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है, वहीं दूसरी ओर भीड़ प्रबंधन और स्थानीय सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत भी सामने आती है।

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By ATHAR

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