किच्छा निकाय चुनाव विवाद के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन और कार्रवाई की मांगकिच्छा निकाय चुनाव से जुड़े विवाद के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन।

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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किच्छा नगर निकाय चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर हुए विवाद के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विवाद के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की जांच कराने और कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला किच्छा नगर निकाय चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा विवाद बढ़ने के बाद सामने आया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मतदान के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर पर्दे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच कहासुनी हुई थी।

बाद में दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच भी तनाव की स्थिति बनी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस विधायक श्री तिलक राज बेहड़ सुबह से बूथ के बाहर मौजूद रहे और बाद में जब चुनाव सामग्री/मतपेटियां स्ट्रांग रूम में लाई जानी थीं, तब उनके स्ट्रांग रूम में जाकर बैठने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा एवं निगरानी की जिम्मेदारी निर्वाचन प्रशासन की होती है, ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि माननीय किच्छा विधायक श्री तिलक राज बेहड़ को स्ट्रांग रूम के अंदर जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई शंका अथवा शिकायत थी, तो उसके लिए निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन के समक्ष नियमानुसार अपनी बात रखी जा सकती थी। भाजपा ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की गतिविधियां चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर अनावश्यक सवाल खड़े करती हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में दोनों नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कांग्रेस की ओर से भी प्रदर्शन और कार्रवाई की मांग किए जाने की रिपोर्ट है। इससे स्पष्ट है कि विवाद के बाद दोनों राजनीतिक पक्षों ने अपने-अपने तरीके से विरोध दर्ज कराया। घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का पुतला दहन किया और कांग्रेस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश दर्ज कराया। इसके पश्चात बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता किच्छा कोतवाली पहुंचे और राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ तत्काल कार्रवाई एवं गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भाजपा ने पुतला दहन कर जताया विरोध

भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस का पुतला दहन किया और मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का विवाद या टकराव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है। भाजपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि किसी व्यक्ति की भूमिका कानून के विपरीत पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखा। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष कमल कुमार जिंदल, जिला महामंत्री तरुण दत्ता, दर्जा राज्यमंत्री उत्तम दत्ता, दर्जा राज्यमंत्री रामपाल सिंह, जिला मंत्री प्रमोद मित्तल, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, सुरेश कोहली, भारत भूषण चुग, जिला प्रकाश संयोजक राजेश तिवारी, मीडिया प्रभारी विजय तोमर, मोर सिंह, मंडल अध्यक्ष गोल्डी गौरैया, मंडल अध्यक्ष मयंक तिवारी, जितेंद्र गौतम, जितेंद्र संधू, सुनील सिंह, हारून मलिक, चरण सिंह, पूनम अग्रवाल, गफ्फार, राजीव सक्सेना, रोहित भट्ट सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

किच्छा की घटना के बाद कांग्रेस की ओर से भी विरोध दर्ज कराया गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा घटना में विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर कार्रवाई की मांग की। इस तरह किच्छा नगर निकाय चुनाव से जुड़ा विवाद राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे और आरोप सामने आने के कारण मामले में आधिकारिक जांच और पुलिस कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर नजर

चुनावी प्रक्रिया के दौरान स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और मतपेटियों की निगरानी प्रशासन एवं पुलिस की जिम्मेदारी होती है। किच्छा की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार घटना के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद था और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया गया।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक श्री राजेश शुक्ला के समर्थन में पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं। भाजपा ने दोहराया कि लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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By ATHAR

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