हरिद्वार में खरीफ खरीद सत्र 2026-27 के लिए धान क्रय केंद्र की तैयारीहरिद्वार में खरीफ खरीद सत्र 2026-27 के लिए धान क्रय केंद्र की तैयारी

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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हरिद्वार 2026। खरीफ खरीद सत्र 2026-27 को लेकर हरिद्वार जनपद में धान खरीद व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला खरीद अधिकारी वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में धान खरीद की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि जनपद में किसानों की सुविधा के लिए फिलहाल 48 धान क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे, जबकि 8 अतिरिक्त क्रय केंद्र प्रस्तावित हैं। इन केंद्रों पर किसानों को धान बेचने के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि धान खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो और खरीद प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाए। इसके लिए तहसील स्तर से लेकर खरीद एजेंसियों और मंडी समिति तक सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तैयारी पूरी करने को कहा गया है।

बैठक में सभी तहसीलदारों को ग्रामवार एवं किसानवार सूची समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सभी क्रय संस्थाओं को समय पर धान क्रय केंद्र स्थापित करने तथा किसानों के लिए पेयजल, छाया, तुलाई सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। मंडी समिति को इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, छलना, त्रिपाल आदि आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

हरिद्वार में खरीफ खरीद सत्र 2026-27 के लिए धान क्रय केंद्र की तैयारी

ग्रामवार और किसानवार सूची समय से उपलब्ध कराने के निर्देश

बैठक में सभी तहसीलदारों को ग्रामवार और किसानवार सूची समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए किसानों से संबंधित आवश्यक जानकारी पहले से तैयार रखने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि खरीद केंद्रों पर किसानों की पहचान और संबंधित अभिलेखों की प्रक्रिया व्यवस्थित रहने से धान खरीद के दौरान समय की बचत हो सकती है। साथ ही किसानों को केंद्रों पर बार-बार जाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।

हरिद्वार जिले में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 48 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसके अलावा जरूरत और किसानों की सुविधा के अनुसार 8 अतिरिक्त केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। क्रय केंद्रों की संख्या और उनका संचालन इस बात को ध्यान में रखकर किया जा रहा है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े। खरीद एजेंसियों को निर्धारित समय पर अपने-अपने केंद्र स्थापित करने और वहां आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी प्राथमिकता दी गई है।

बैठक में सभी क्रय संस्थाओं को निर्देश दिए गए कि धान खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छाया, तुलाई और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। धान बेचने के लिए किसान जब क्रय केंद्रों पर पहुंचेंगे, तो उन्हें अपनी उपज की तुलाई और अन्य प्रक्रियाओं के लिए केंद्र पर समय बिताना पड़ सकता है। ऐसे में किसानों के लिए बैठने, छाया और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी माना गया है। संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि खरीद शुरू होने से पहले केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच कर ली जाए और कमियों को समय रहते दूर किया जाए।

इलेक्ट्रॉनिक कांटे और नमी मापक यंत्र उपलब्ध कराने के निर्देश

धान की खरीद में तुलाई और गुणवत्ता जांच से संबंधित उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी बैठक में निर्देश दिए गए। मंडी समिति को इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, छलना, त्रिपाल और अन्य आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने को कहा गया। धान की खरीद के दौरान उपज की तुलाई और निर्धारित गुणवत्ता मानकों की जांच महत्वपूर्ण होती है। इसलिए क्रय केंद्रों पर आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले उपकरणों की स्थिति की जांच कर ली जाए, ताकि किसानों को धान बेचते समय तकनीकी या व्यवस्थागत परेशानी का सामना न करना पड़े।

अपर जिलाधिकारी ने सभी खरीद एजेंसियों को अपने केंद्रों पर लगाए जाने वाले बैनरों में भारत सरकार द्वारा निर्धारित धान खरीद मानकों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि धान के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों में 17 प्रतिशत नमी का मानक शामिल है। किसानों को खरीद प्रक्रिया और गुणवत्ता से जुड़े नियमों की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए केंद्रों पर आवश्यक सूचना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा गया है। इस व्यवस्था से किसानों को धान की गुणवत्ता संबंधी निर्धारित शर्तों की जानकारी खरीद केंद्र पर ही मिल सकेगी।

धान खरीद प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ने की दिशा में इस बार ‘भारत खरीद’ ऐप के माध्यम से किसानों के पंजीकरण की व्यवस्था की जानकारी बैठक में दी गई। इसके तहत किसानों का बायोमैट्रिक पंजीकरण किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य पंजीकरण और खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित स्थानीय रिपोर्टों में भी हरिद्वार में धान खरीद के लिए ‘भारत खरीद’ ऐप के माध्यम से किसानों के पंजीकरण की तैयारी का उल्लेख किया गया था। किसानों को पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराने और संबंधित स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में वृद्धि को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कॉमन धान का MSP ₹2,441 प्रति क्विंटल और ग्रेड-A धान का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित है। केंद्र सरकार ने मई 2026 में खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के MSP को मंजूरी दी थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार 2025-26 में कॉमन धान का MSP ₹2,369 प्रति क्विंटल था, जबकि 2026-27 के लिए यह ₹2,441 प्रति क्विंटल किया गया है। इस लिहाज से धान खरीद के दौरान किसानों के लिए निर्धारित MSP और गुणवत्ता मानकों की जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।

बैठक में उप संभागीय विपणन अधिकारी प्रमोद सती, वरिष्ठ विपणन अधिकारी तथा एनसीसीएफ, यूसीएफ, यूकेयूएसएस, पीसीयू, मंडी समिति और विधिक माप विज्ञान विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों और खरीद प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। खरीफ खरीद सत्र 2026-27 के लिए की जा रही तैयारियों में किसानों की सुविधा को प्रमुखता दी जा रही है। प्रशासन की ओर से क्रय केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं के साथ तुलाई और गुणवत्ता जांच से जुड़े उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

48 धान क्रय केंद्रों के संचालन और 8 अतिरिक्त केंद्रों के प्रस्ताव से जिले में किसानों के लिए खरीद व्यवस्था का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। वहीं ‘भारत खरीद’ ऐप के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की दिशा में भी कदम उठाया जा रहा है। अब संबंधित विभागों के सामने खरीद केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार सुचारू खरीद सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है।

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By ATHAR

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