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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार/रुड़की, 20 अगस्त 2026। मानसून के दौरान संभावित आपदा, जलभराव और डेंगू जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर निगम सभागार, रुड़की में राज्य आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री विनय कुमार रोहिला की अध्यक्षता में मानसून के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन तैयारियों की विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलभराव की रोकथाम, नाला-नालियों की सफाई, डेंगू नियंत्रण, सड़कों की मरम्मत, स्कूलों की स्वच्छता और आपदा की स्थिति में विभागों के बीच बेहतर समन्वय सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान जनपद में किसी भी तरह की आपदा या अप्रिय स्थिति सामने आने पर सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण जिन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, वहां संबंधित अधिकारी जलनिकासी की व्यवस्था में किसी तरह की देरी न करें। राज्य आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री विनय कुमार रोहिला की अध्यक्षता में नगर निगम सभागार, रुड़की में मानसून के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन तैयारियों की विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी आपदा की स्थिति में सभी विभाग आपसी समन्वय, त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश
राज्य मंत्री विनय कुमार रोहिला ने नगर निगम, सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों को बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव से जुड़ी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान जलनिकासी की व्यवस्था पहले से दुरुस्त रखी जाए, ताकि भारी बारिश होने पर पानी सड़कों और आबादी वाले क्षेत्रों में

जमा न हो। प्रशासन का जोर ऐसे स्थानों की पहचान करने पर भी है, जहां हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि जनपद में बंद पड़े सभी नाला-नालियों को एक सप्ताह के भीतर खोलने की कार्रवाई हर हाल में पूरी की जाए, ताकि वर्षा का पानी सुचारु रूप से निकासी हो सके और जलभराव की समस्या न बने।
एक सप्ताह में खोलने होंगे बंद नाला-नालियां
बैठक में लोक निर्माण विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। राज्य मंत्री ने कहा कि जनपद में बंद पड़े सभी नाला-नालियों को एक सप्ताह के भीतर खोलने की कार्रवाई पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि बरसाती पानी की सुचारु निकासी के लिए नालियों की सफाई और उनके रास्ते से अवरोध हटाना जरूरी है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि नाला-नालियों की सफाई का काम केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में मौके पर इसकी प्रभावी निगरानी भी की जाए। मानसून के दौरान डेंगू की रोकथाम पर विशेष जोर देते हुए विनय कुमार रोहिला ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम तथा अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बरसाती पानी एकत्र न होने पाए तथा नियमित साफ-सफाई, फॉगिंग और जनजागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं।
मीक्षा बैठक में कई विभागीय अधिकारियों के उपस्थित नहीं होने पर राज्य मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। राज्य मंत्री ने कहा कि मानसून जैसे महत्वपूर्ण समय में विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में सभी विभागों का समन्वय आवश्यक है। ऐसे में समीक्षा बैठकों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति और अपनी विभागीय तैयारियों की जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है।
एक पौधा मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण
बैठक के बाद राज्य मंत्री विनय कुमार रोहिला ने ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के तहत नगर निगम परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी जरूरी है। मानसून का समय पौधरोपण के लिए अनुकूल होने के कारण लोगों को इस अभियान से जुड़ने की अपील की गई। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए है कि सभी स्कूलों के परिसर में झाड़ियों/घास की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि छात्र छात्राओं को सर्पदंश का कोई भी खतरा न होने पाए तथा उन्होंने छात्र छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे मिड डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्रवासियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का तत्परता से निस्तारण किया जाए। उन्होंने राज्य मंत्री को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन, जलभराव की रोकथाम, डेंगू नियंत्रण, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को सक्रिय रहना होगा। समीक्षा बैठक में सामने आए निर्देशों से स्पष्ट है कि प्रशासन का फोकस मानसून के दौरान संभावित समस्याओं की रोकथाम पर है। जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी, नाला-नालियों की सफाई, डेंगू नियंत्रण, स्कूल परिसरों की स्वच्छता और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपदा या भारी बारिश की स्थिति में विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई जरूरी है। इसी उद्देश्य से संबंधित विभागों को अपनी तैयारियां समय रहते पूरी करने और आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मेयर रुड़की श्रीमती अनीता अग्रवाल, राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति, नगर आयुक्त रुड़की गोपाल राम बेनीवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोग तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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