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रिपोर्टर अंजू कुमारी
हरिद्वार (रानीपुर)। हरिद्वार के शिवालिक नगर क्षेत्र स्थित निर्मल बस्ती में झुग्गी-झोपड़ी को लेकर चल रहा पुराना विवाद शनिवार शाम अचानक हिंसक रूप ले बैठा। दो पक्षों के बीच हुई तीखी झड़प और मारपीट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख रानीपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल छह लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरोपितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुराना विवाद, फिर भड़की चिंगारी
जानकारी के अनुसार, निर्मल बस्ती में रहने वाले दो पक्षों के बीच झुग्गी-झोपड़ी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। स्थानीय स्तर पर कई बार समझौते और बातचीत की कोशिशें भी हुईं, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया। पुलिस द्वारा पूर्व में दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया गया था, बावजूद इसके आपसी तनाव बना रहा। शनिवार को यह विवाद फिर से भड़क उठा और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में हाथापाई और मारपीट में बदल गई। आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली रानीपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और मौके पर शांति बहाल कराई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो मामला और गंभीर हो सकता था। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दोनों पक्षों के 6 लोगों को हिरासत में लिया।

रानीपुर पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के अंतर्गत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि शांति भंग करने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हिरासत में लिए गए आरोपितों की पहचान इस प्रकार है:
- कुलदीप पुत्र गंगाराम
- संदीप पुत्र गंगाराम
- दीपक पुत्र गंगाराम
- धर्मेन्द्र पुत्र राजू प्रसाद
- जीतू पुत्र दिनेश कुमार
- रंजीत पुत्र धर्मेन्द्र
सभी आरोपी निर्मल बस्ती, शिवालिक नगर, रानीपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। हरिद्वार पुलिस इन दिनों “ऑपरेशन प्रहार” के तहत असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले भर में ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। रानीपुर पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध और शांति भंग करने की घटनाओं पर तुरंत एक्शन लेकर कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना प्राथमिकता है।
घटना के बाद निर्मल बस्ती और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि झुग्गी-झोपड़ी को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं, लेकिन इस बार मामला ज्यादा गंभीर हो गया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया।
पुलिस की तत्परता और सख्ती से कार्रवाई करने के कारण स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस नहीं पहुंचती, तो मामला और ज्यादा हिंसक हो सकता था। कई स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी कानून हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। चाहे मामला छोटा हो या बड़ा, किसी भी प्रकार की हिंसा या विवाद को गंभीरता से लिया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि जनता को चाहिए कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें और खुद से कानून हाथ में न लें। शिवालिक नगर की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि छोटे-छोटे विवाद समय रहते सुलझाए न जाएं तो वे बड़े टकराव का रूप ले सकते हैं। झुग्गी-झोपड़ी जैसे संवेदनशील मुद्दों में प्रशासन और स्थानीय स्तर पर समन्वय बेहद जरूरी है। हरिद्वार पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित बड़े विवाद को टाल दिया और इलाके में शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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