हरिद्वार में क्लाउड किचन प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में महिलाओं को प्रमाण पत्र देते जिलाधिकारीहरिद्वार में क्लाउड किचन प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में महिलाओं को प्रमाण पत्र देते जिलाधिकारी

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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

हरिद्वार
जनपद हरिद्वार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल के तहत क्लाउड किचन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया आयाम स्थापित किया है। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं पंजाब नेशनल बैंक की सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आई 30 महिलाओं ने भाग लिया।

हरिद्वार में क्लाउड किचन प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में महिलाओं को प्रमाण पत्र देते जिलाधिकारी

कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं और क्लाउड किचन जैसे आधुनिक रोजगार विकल्प उनके लिए नए अवसर खोल रहे हैं।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि हरिद्वार प्रदेश का पहला जनपद है, जहां जिला प्रशासन की ओर से महिलाओं को क्लाउड किचन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को घर बैठे रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी।

उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लाने पर जोर देते हुए कहा कि क्लाउड किचन के संचालन में साफ-सफाई, गुणवत्ता और स्वाद का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को सुझाव दिया कि वे भोजन तैयार करते समय घर के मसालों के साथ-साथ ब्रांडेड मसालों का भी उपयोग करें, ताकि ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता का भोजन मिल सके।

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जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि हरिद्वार एक धार्मिक नगरी है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में यहां शाकाहारी भोजन की मांग अधिक रहती है। महिलाओं को इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने क्लाउड किचन व्यवसाय को बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर अपने व्यवसाय का प्रचार-प्रसार करने की सलाह दी, ताकि अधिक से अधिक ग्राहकों तक उनकी पहुंच बन सके।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि क्लाउड किचन के माध्यम से महिलाएं अपने घर की रसोई से ही व्यवसाय शुरू कर सकती हैं और परिवार की आय में योगदान दे सकती हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद में कई औद्योगिक क्षेत्र और कंपनियां हैं, जहां काम करने वाले कर्मचारियों को दिन-रात भोजन की आवश्यकता होती है। ऐसे में क्लाउड किचन के माध्यम से उन्हें घर जैसा भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है। यह न केवल रोजगार का साधन है, बल्कि सेवा का भी एक माध्यम है।

हरिद्वार में महिलाओं को मिला रोजगार का नया रास्ता!

कार्यक्रम में लीड बैंक अधिकारी दिनेश गुप्ता ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पंजाब नेशनल बैंक की सीएसआर गतिविधियों के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि बैंक महिलाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए भी तैयार है।

इस दौरान यह भी जानकारी दी गई कि पहले चरण में 25 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया था, जिन्होंने ‘गंगा रसोई’ के नाम से अपना क्लाउड किचन शुरू कर दिया है। यह पहल अब दूसरे चरण में और अधिक महिलाओं को जोड़कर आगे बढ़ाई जा रही है।

कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए नलिनीत घिल्डियाल, बीपीडीई राव आश्कर, इनक्यूबेशन मैनेजर योगेंद्र सिंह, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक शिव कुमार, वरिष्ठ प्रशिक्षक संदीप गुप्ता सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा फूड डिलीवरी कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने महिलाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने व्यवसाय को बढ़ाने के तरीके बताए।

जिलाधिकारी ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि क्लाउड किचन के संचालन में आने वाली किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जैसे जोमैटो और स्विगी के माध्यम से भी महिलाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे उनके व्यवसाय को नई पहचान मिल सके।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से न केवल महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरणा मिली है। यह पहल हरिद्वार जिले को एक मॉडल जनपद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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By ATHAR

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