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हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में आपसी विवाद के एक मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की है। मामला कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 13 फरवरी 2026 को दो पक्षों के बीच हुए लड़ाई-झगड़े के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया था। प्राप्त शिकायत के आधार पर उसी दिन अभियोग पंजीकृत कर लिया गया था।
पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए 14 फरवरी 2026 को दोनों पक्षों को विस्तृत बयान हेतु थाने पर बुलाया गया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती गई और दोनों पक्ष उत्तेजित होकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए जोर-जोर से चिल्लाने लगे।
थाने में उपस्थित विवेचक और अन्य पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत कराने का भरसक प्रयास किया। उन्हें समझाया गया कि कानून अपने हाथ में लेना उचित नहीं है और यदि कोई शिकायत है तो उसे विधिक प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया जाए। बावजूद इसके, दोनों पक्षों का व्यवहार अधिक उग्र होता गया और शांति व्यवस्था भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से धारा 170 बी.एन.एस.एस. के तहत कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि थाने परिसर में शांति व्यवस्था भंग करना गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में सख्ती आवश्यक हो जाती है।
इस मामले में सैफ पुत्र ईनाम, सुहैल पुत्र इमरान और फईम पुत्र नईम अहमद निवासी ज्वालापुर क्षेत्र को आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून के तहत सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक मनीष भंडारी, हेड कांस्टेबल अनिल भट्ट और कांस्टेबल विक्रम तोमर शामिल रहे। टीम ने संयम और सतर्कता के साथ स्थिति को नियंत्रित किया और आगे किसी अप्रिय घटना को टाल दिया।
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों, विशेषकर थाना परिसर में अनुशासनहीन व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा और शांति बनाए रखना है। यदि कोई भी व्यक्ति कानून-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपसी विवादों को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाना ही सर्वोत्तम उपाय है। भावनात्मक आवेश में आकर झगड़ा करना न केवल कानूनी दायरे में अपराध की श्रेणी में आ सकता है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करता है। हरिद्वार जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हाल के समय में पुलिस द्वारा लगातार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और विवाद की संभावनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में धैर्य बनाए रखें और कानूनी प्रक्रिया का पालन करें। छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा करने के बजाय आपसी संवाद और समझदारी से समाधान निकालना समाज के हित में है। समग्र रूप से देखा जाए तो ज्वालापुर में की गई यह कार्रवाई प्रशासन की सतर्कता और कानून के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा और कानून का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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