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हरिद्वार
सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से बहादराबाद टोल प्लाजा पर बाइक राइडर्स और ड्राइवर्स के लिए एक व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन एनएचएआईटी साउथर्न प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों ने भाग लिया।
अधिशासी अभियंता अतुल शर्मा ने दी जानकारी
इस अवसर पर अधिशासी अभियंता एनएचएआई अतुल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत पूरे देश में विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इनका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और आम नागरिकों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएँ मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं, जिन्हें थोड़ी-सी सावधानी और नियमों के पालन से रोका जा सकता है।

सुरक्षित ड्राइविंग में चालकों की भूमिका पर जोर
जागरूकता सत्र के दौरान ड्राइवर्स और बाइक राइडर्स को यह समझाया गया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर वाहन चालक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सुरक्षित ड्राइविंग अपनाकर न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:
- सुरक्षित गति बनाए रखना और आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी रखना
- लेन अनुशासन का पालन एवं सुरक्षित ओवरटेकिंग
- डिफेंसिव ड्राइविंग तकनीक, जिससे अचानक उत्पन्न परिस्थितियों में दुर्घटना से बचा जा सके
- हेलमेट का सही और अनिवार्य उपयोग, विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए
- थकान, शराब सेवन और मोबाइल फोन के उपयोग से बचाव
- यातायात नियमों का कड़ाई से पालन
- सड़क संकेत बोर्ड और रोड मार्किंग की सही जानकारी
- दुर्घटना की स्थिति में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग
हेलमेट और मोबाइल फोन पर विशेष संदेश
विशेष रूप से बाइक राइडर्स को हेलमेट के सही उपयोग का महत्व समझाया गया। उन्हें बताया गया कि केवल हेलमेट पहनना ही नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से पहनना भी उतना ही आवश्यक है।
इसके अलावा ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग न करने और शराब सेवन कर वाहन न चलाने की सख्त अपील की गई। सत्र में यह भी बताया गया कि दुर्घटना होने की स्थिति में घबराने के बजाय सही आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करना चाहिए। समय पर सूचना देने से घायलों की जान बचाई जा सकती है।

रिफ्लेक्टिव स्टिकर और पंपलेट वितरण
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टिव स्टिकर लगाए गए, जिससे रात के समय दृश्यता बढ़े और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। साथ ही वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा पंपलेट वितरित किए गए, जिनमें यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई थीं। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से लोगों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। सड़क सुरक्षा माह के दौरान भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि सड़क सुरक्षा प्रशासन और आम नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। यदि हर चालक नियमों का पालन करे, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। कार्यक्रम में शामिल वाहन चालकों ने इस जागरूकता सत्र को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि लोग समय-समय पर यातायात नियमों को लेकर अपडेट रह सकें।
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