लक्सर ब्लॉक के आदर्श सीएलएफ में दोना-पत्तल और पेपर कप निर्माण इकाई का उद्घाटन करतीं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं”लक्सर ब्लॉक के आदर्श सीएलएफ में दोना-पत्तल और पेपर कप निर्माण इकाई का उद्घाटन करतीं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं”

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हरिद्वार जनपद के लक्सर विकासखंड में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के निर्देशन में आदर्श सीएलएफ परिसर में दोना-पत्तल एवं पेपर कप निर्माण इकाई का शुभारंभ किया गया। इस इकाई का संचालन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं करेंगी, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार और नियमित आय का अवसर मिलेगा। पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह इकाई भविष्य में एक टिकाऊ और लाभकारी व्यवसाय मॉडल के रूप में उभर सकती है। अधिकारियों ने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

हरिद्वार जिले के लक्सर विकासखंड में ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खुली है। आदर्श क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) परिसर में दोना-पत्तल एवं पेपर कप निर्माण मशीन की स्थापना कर उत्पादन इकाई का शुभारंभ किया गया। यह पहल न केवल महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराएगी, बल्कि उन्हें उद्यमिता और व्यवसाय प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेगी।

आदर्श सीएलएफ परिसर में उद्घाटन के दौरान दोना-पत्तल एवं पेपर कप निर्माण मशीन और कार्य करती महिलाएं

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के निर्देशन में इस उत्पादन आधारित इकाई की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम के दौरान जिला परियोजना प्रबंधक, ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना श्री संजय सक्सेना एवं खंड विकास अधिकारी लक्सर श्री प्रवीण भट्ट ने फीता काटकर इकाई का विधिवत उद्घाटन किया।

अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की स्वरोजगार इकाइयाँ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि दोना-पत्तल और पेपर कप जैसे उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बाजार में लगातार मांग में बने हुए हैं। यह इकाई पूरी तरह से आदर्श सीएलएफ से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित की जाएगी। इससे महिलाओं को नियमित आय का स्रोत मिलेगा और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकेंगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

यह इकाई पूरी तरह से आदर्श सीएलएफ से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित की जाएगी। इससे महिलाओं को नियमित आय का स्रोत मिलेगा और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकेंगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता नियंत्रण, बेहतर पैकेजिंग और विपणन रणनीति भी इस इकाई की सफलता के लिए आवश्यक हैं। महिलाओं को बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। खंड विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट ने बताया कि इस पहल से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे पारंपरिक रोजगार विकल्पों से आगे बढ़कर उद्यमी की भूमिका निभा सकेंगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम

दोना-पत्तल एवं पेपर कप जैसे उत्पाद प्लास्टिक के विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से यह इकाई एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल प्लास्टिक उपयोग में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का उत्पादन भी बढ़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में ऐसे उत्पादों की मांग और बढ़ सकती है, जिससे यह इकाई एक टिकाऊ और दीर्घकालिक व्यवसाय मॉडल के रूप में विकसित हो सकती है।

प्रशिक्षण, प्रबंधन और विपणन का मिलेगा अनुभव

इस परियोजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि उत्पादन प्रबंधन, मशीन संचालन, कच्चे माल की व्यवस्था और विपणन जैसे पहलुओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना ने बताया कि यह अनुभव महिलाओं को भविष्य में अन्य उद्यम शुरू करने के लिए भी प्रेरित करेगा।

कार्यक्रम में रहे ये अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित

उद्घाटन कार्यक्रम में डीपीएम रीप संजय सक्सेना, बीडीओ लक्सर प्रवीण भट्ट, एबीडीओ पवन सैनी, सहायक प्रबंधक आजीविका शिवशंकर बिष्ट, आदर्श सीएलएफ की अध्यक्षा सहित सभी सीएलएफ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके साथ ही विकासखंड स्तरीय स्टाफ चंद्रशेखर, सोहेल, अभिषेक, अंकित, मनीषा एवं सानिया ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

स्थानीय स्तर पर उत्पादन इकाई स्थापित होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। महिलाओं द्वारा संचालित यह इकाई लक्सर ब्लॉक में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायी मॉडल बन सकती है। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास जताया कि यह पहल भविष्य में अन्य विकासखंडों के लिए भी एक उदाहरण बनेगी।

लक्सर विकासखंड में दोना-पत्तल एवं पेपर कप निर्माण इकाई की शुरुआत महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है। यदि इस इकाई को निरंतर प्रशिक्षण, बाजार से जुड़ाव और प्रशासनिक सहयोग मिलता रहा, तो यह न केवल महिलाओं के लिए आय का मजबूत स्रोत बनेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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By ATHAR

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