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मिर्जापुर के प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ तुरंत सक्रिय हो गईं। डायल 112 पर मिली सूचना के बाद पुलिस ने रातभर सघन चेकिंग अभियान चलाया और संदेहास्पद कॉलर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। फिलहाल मंदिर परिसर सुरक्षित बताया गया है।
विंध्याचल धाम का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व
मां विंध्यवासिनी मंदिर भारत के प्राचीनतम और सबसे महत्वपूर्ण शक्तिपीठों में से एक है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, जबकि नवरात्र के दौरान भीड़ लाखों तक पहुंच जाती है। मिर्जापुर का विंध्याचल धाम केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान से भी गहराई से जुड़ा है। इसलिए मंदिर परिसर से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धमकी को अत्यधिक गंभीरता से लिया जाता है।
देशभर में बीते कुछ वर्षों में धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने के कई कदम उठाए गए हैं। ऐसे समय में बम धमाके जैसी धमकी ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर ला दिया। 24 नवंबर 2025 की रात डायल 112 पर एक युवक ने कॉल करके बताया कि मां विंध्यवासिनी मंदिर में आतंकवादी हमला हो सकता है। सूचना मिलते ही विंध्याचल थाना पुलिस, SOG, सर्विलांस टीम और सुरक्षा एजेंसियाँ तुरंत सक्रिय हो गईं। धीरे-धीरे यह खबर प्रशासनिक तंत्र में फैल गई और रातभर मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच शुरू कर दी गई।
आरोपी युवक प्रयागराज का निवासी
पुलिस की जांच में पता चला कि यह कॉल प्रयागराज से किया गया था। स्थानीय थाना पुलिस की मदद से कॉलर की पहचान की गई। युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू हुई, जहाँ यह तथ्य सामने आया कि वह पिछले 20 वर्षों से मानसिक रूप से विक्षिप्त है। पुलिस के अनुसार, संभवत: घबराहट में उसके द्वारा यह गलत सूचना दी गई।
मंदिरों में सघन जांच और बम स्क्वॉड की जांच
मां विंध्यवासिनी मंदिर, मां अष्टभुजा देवी मंदिर और कालीखोह मंदिर में पुलिस अधिकारियों ने रातभर व्यापक जांच की। जांच के दौरान मौके पर मौजूद रहे—
- सीओ सिटी
- विंध्याचल थाना प्रभारी
- कटरा थाना प्रभारी
- मंदिर सुरक्षा प्रभारी
- धाम सुरक्षा प्रभारी
- एसओजी, सर्विलांस टीम
- BDDS (Bomb Disposal Squad)
- डॉग स्क्वॉड टीमें
- सभी स्थानों की तलाशी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली और किसी भी प्रकार का विस्फोटक नहीं मिला।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर सोमेन बर्मा के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। तीनों प्रमुख मंदिर परिसरों—
- विंध्याचल,
- अष्टभुजा,
- कालीखोह
- पर पुलिस द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है।
श्रद्धालुओं, व्यापारियों और शहर में बढ़ी चिंता
धमकी की खबर फैलते ही मिर्जापुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि मंदिर परिसर सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद हालात सामान्य होने लगे। देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्घालु मौजूद थे, जिनकी सुरक्षा के लिए पुलिस हर कोने में तैनात रही। सुबह से दर्शन-पूजन का क्रम सामान्य रूप से जारी रहा, लेकिन सुरक्षा जांच पहले से अधिक कड़ी कर दी गई।
मंदिर क्षेत्र में स्थित दुकानों और होटलों में कुछ समय के लिए गतिविधियाँ धीमी हो गईं। हालांकि सुबह होते ही यातायात और बाजार सामान्य स्थिति में लौट आए। स्थानीय कारोबारियों ने कहा कि भारी सुरक्षा होने से उन्हें राहत भी महसूस हुई। भारत में धार्मिक स्थानों को लेकर झूठी सूचनाएँ, अफवाहें और धमकियों के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
- पिछले वर्षों में कई मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर बम जांच के नाम पर फर्जी कॉल की घटनाएँ सामने आईं।
- पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ऐसी फर्जी धमकी कॉलों में मानसिक बीमारी, मज़ाक या व्यक्तिगत तनाव प्रमुख कारण पाए जाते हैं।
- सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सतर्कता बनाए रखना ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे बेहतर तरीका है।
सुरक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि भारत में धार्मिक स्थलों पर CCTV, AI-आधारित सर्विलांस और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तेजी से अपनाए जा रहे हैं।
मां विंध्यवासिनी मंदिर में भी
- हाईटेक कैमरे
- इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग
- बम डिटेक्शन डिवाइस
- का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि किसी भी धमकी को गंभीरता से लेना सुरक्षा का मूल सिद्धांत माना जाता है।
अफवाह हो या सच्चाई सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार
फर्जी सूचना होने के बावजूद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता ने साबित किया कि किसी भी धार्मिक स्थल की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में फिलहाल स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें
- अफवाहों पर विश्वास न करें
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें
- ऐसी घटनाएँ याद दिलाती हैं कि सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
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