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उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की है। सरकार द्वारा रैन बसेरों, कंबल वितरण और अलाव की व्यापक व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड में असहाय न रहे।
उत्तर भारत में शीतलहर की चुनौती
हर साल दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर प्रदेश समेत पूरा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में आ जाता है। तापमान में अचानक गिरावट, कोहरा और सर्द हवाएं विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, बेघर लोगों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए गंभीर चुनौती बन जाती हैं। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने ठंड के मौसम में रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने, अलाव की व्यवस्था करने और जरूरतमंदों को कंबल वितरित करने जैसे कदम उठाए हैं। इसी क्रम में इस बार भी सरकार ने पहले से ही सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार की पूर्व तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतलहर के दौरान प्रदेशवासियों से मानवीय सहयोग की अपील की और सरकार की ओर से की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। यह अपील पूरे उत्तर प्रदेश के लिए है, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह संदेश 23 दिसंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से साझा किया। सीएम योगी ने अपनी पोस्ट ‘योगी की पाती’ के माध्यम से बताया कि सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ शीतलहर से निपटने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में लिखा –
उन्होंने कहा कि रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है, जहां रजाई, कंबल, पेयजल, अलाव और हीटर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। दूर-दराज से आए परीक्षार्थियों और रोगियों के परिजनों को भी इन रैन बसेरों में आश्रय दिया जा रहा है।
सरकारी इंतजाम और राहत कार्य
रैन बसेरों की व्यवस्था
प्रदेशभर में शहरी निकायों और तहसीलों के माध्यम से रैन बसेरों को सक्रिय किया गया है। यहां ठहरने वालों के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कंबल और ऊनी वस्त्र वितरण
जरूरतमंदों को ऊनी कपड़े और कंबल वितरित किए जा रहे हैं, ताकि वे ठंड से सुरक्षित रह सकें। सार्वजनिक स्थानों, चौराहों और बस अड्डों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर हीटर भी लगाए गए हैं।
गोशालाओं में विशेष प्रबंध
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोशालाओं में पशुओं के लिए भी विशेष कंबल और अलाव की व्यवस्था की जा रही है। शीतलहर से सबसे अधिक प्रभावित बेघर लोग, फुटपाथ पर रहने वाले परिवार और दिहाड़ी मजदूर होते हैं। सरकार की इन व्यवस्थाओं से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। कोहरे और ठंड के कारण सुबह और रात के समय यातायात प्रभावित होता है। इसके मद्देनज़र मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
दूसरे स्थानों से आए परीक्षार्थियों को रैन बसेरों में ठहरने की सुविधा मिलने से उन्हें राहत मिली है। पिछले वर्षों में भी शीतलहर के दौरान रैन बसेरों और कंबल वितरण की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इस बार सरकार ने पहले से अधिक व्यापक इंतजाम किए हैं। पिछले 5 वर्षों में रैन बसेरों की संख्या और लाभार्थियों का आंकड़ा।
नागरिकों से अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक इस प्रयास में भागीदार बन सकता है।
उन्होंने कहा कि लोग अपने आसपास काम करने वाले सहयोगी, स्वच्छाग्रही, चौकीदार या अन्य जरूरतमंदों से पूछें कि उनके पास ठंड से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं।
एक कप चाय, एक कंबल या सही जगह तक पहुंचाने की छोटी-सी मदद भी किसी के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। शीतलहर के इस कठिन समय में सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी बनती है कि कोई भी व्यक्ति ठंड से असहाय न रहे। मुख्यमंत्री योगी का यह आह्वान मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करता है और प्रदेशवासियों को सहयोग की भावना से आगे आने के लिए प्रेरित करता है।
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