सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…
मैनपुरी विधानसभा क्षेत्र में कुछ मतदान केन्द्रों के स्थानांतरण को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता नजर आ रहा है। समाजवादी पार्टी ने इसे अनुचित बताते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि यह बदलाव मतदाताओं की सुविधा और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
मतदान केन्द्र और चुनावी निष्पक्षता का मुद्दा
लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान केन्द्रों का निर्धारण चुनाव की निष्पक्षता का एक अहम आधार माना जाता है। चुनाव आयोग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि मतदाताओं को अधिकतम सुविधा मिले और किसी भी समुदाय, वर्ग या क्षेत्र के मतदाता को असुविधा न हो। मैनपुरी विधानसभा क्षेत्र में विगत कई चुनावों से कुछ मतदान केन्द्र स्थायी रूप से संचालित हो रहे हैं, जहां से किसी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की शिकायत सामने नहीं आई थी। ऐसे में अचानक मतदान केन्द्रों का स्थानांतरण स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों पर सवाल खड़े कर रहा है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) को औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
किन मतदान केन्द्रों का हुआ स्थानांतरण
ज्ञापन के अनुसार, मैनपुरी विधानसभा क्षेत्र के
- बूथ संख्या 112
- बूथ संख्या 113
- बूथ संख्या 114
- बूथ संख्या 115
जो पहले शाह महमूद इस्लामिया जूनियर हाई स्कूल, आगरा रोड, मैनपुरी में स्थित थे, उन्हें दिसंबर 2025 की सूची में बिना स्पष्ट कारण गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज, मैनपुरी में स्थानांतरित कर दिया गया। सपा का कहना है कि पुराने मतदान केन्द्र वर्षों से शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संचालित होते रहे हैं। इन केन्द्रों पर मुहल्ला दरीबा और गाड़ीवान आशिंक क्षेत्र के मतदाता पंजीकृत हैं, जिनके लिए यह स्थान सुविधाजनक था।
सपा का आरोप और प्रशासन पर सवाल
ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि नए मतदान केन्द्र पर भारतीय जनता पार्टी समर्थक एक जाति विशेष का प्रभुत्व है, जिससे अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की आशंका है। पार्टी ने यह भी कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी मैनपुरी द्वारा स्थानीय आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए यह निर्णय लिया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया की भावना के विपरीत है।
नए मतदान केन्द्र की दूरी पुराने केन्द्र से लगभग दो किलोमीटर अधिक बताई गई है। सपा का दावा है कि इससे विशेष रूप से
- महिला मतदाता
- वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाता
- को मतदान के दिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
सामाजिक और शैक्षणिक प्रभाव
मतदान केन्द्र बदलने से स्थानीय स्तर पर असंतोष का माहौल बन रहा है। कई मतदाता इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम मान रहे हैं, जिससे चुनावी वातावरण प्रभावित हो सकता है। स्कूल परिसरों में मतदान केन्द्र होने से शिक्षा व्यवस्था पर भी अस्थायी असर पड़ता है, जिसे लेकर पहले से तय व्यवस्थाएं मौजूद थीं।
समाजवादी पार्टी ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि
- शाह महमूद इस्लामिया जूनियर हाई स्कूल का परिसर चुनाव आयोग के मानकों के अनुरूप है
- यह किसी भी धार्मिक स्थल से प्रभावित नहीं है
- पिछले कई चुनावों में यहां से कोई विवाद या अव्यवस्था की रिपोर्ट नहीं आई
- हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि मतदान केन्द्रों के स्थानांतरण के फैसले की तत्काल समीक्षा कर पुराने केन्द्रों को बहाल किया जाए। पार्टी का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं, और किसी भी निर्णय से मतदाताओं का विश्वास प्रभावित नहीं होना चाहिए।
प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह सभी पक्षों की बात सुनकर न्यायसंगत निर्णय ले।
यह भी पढ़ें– शीतलहर के बीच सीएम योगी का प्रदेशवासियों से मानवीय सहयोग का आह्वान रैन बसेरों और…
उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं
यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

