“लक्सर पुलिस द्वारा छोटे हाथी वाहन से गौवंश को मुक्त कराते हुए — पशु क्रूरता के खिलाफ कार्रवाई।”“लक्सर पुलिस द्वारा छोटे हाथी वाहन से गौवंश को मुक्त कराते हुए — पशु क्रूरता के खिलाफ कार्रवाई।”

सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…

हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग के दौरान छोटे हाथी वाहन में क्रूरतापूर्वक बांधकर ले जाए जा रहे दो गौवंश को मुक्त कराया। मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तुरंत दोनों पशुओं को सुरक्षित गौशाला भेजते हुए पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

उत्तराखंड के कई जिलों में पशु तस्करी और पशुओं के साथ अमानवीय क्रूरता की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। खासकर औद्योगिक और ग्रामीण मार्गों पर पुलिस अक्सर चेकिंग के दौरान ऐसे मामलों का खुलासा करती है।

गौवंशीय पशुओं पर कानून के तहत विशेष सुरक्षा दी गई है और पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत किसी भी पशु को चोट पहुँचाने, गलत तरीके से ले जाने या यातना देने पर सख्त कार्रवाई की जाती है।

लक्सर कोतवाली क्षेत्र में भी पुलिस लगातार सतर्क रहती है, क्योंकि यह मार्ग सहारनपुर और हरिद्वार के बीच पशु तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में चेकिंग के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पशु संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

चेकिंग के दौरान खुलासा

लक्सर पुलिस टीम नियमित गश्त और चेकिंग पर थी, तभी एक संदिग्ध छोटे हाथी वाहन को रोककर जांच की गई। जांच में पाया गया कि वाहन में दो गायों को काफी क्रूर तरीके से रस्सियों से कसकर बांधा गया था, जिससे उन्हें गंभीर चोट पहुँचने की संभावना थी।

दोनों व्यक्तियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।गायों को तुरंत वाहन से मुक्त कराया गया।पशु चिकित्सकों की सहायता से प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की गई।इसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थानीय गौशाला भेजा गया।

गिरफ्तार आरोपी

  1. सुनील, पुत्र रामनाथ, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम खेड़ा मुगल, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर
  2. नाथीराम, पुत्र रतिराम, उम्र 59 वर्ष, निवासी ग्राम खेड़ा मुगल, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर

मु0अ0सं0 1253/2025 धारा 11(1), पशु क्रूरता अधिनियम 1960

उप निरीक्षक आशीष भट्ट कांस्टेबल अरविंद चंदेल कांस्टेबल गंगा सिंह

पुलिस चेकिंग के दौरान छोटे हाथी वाहन से दो गायों को क्रूरतापूर्वक बंधे हुए पाया गया। दोनों पशुओं को सुरक्षित गौशाला भेजा गया और आरोपितों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

पशु संरक्षण को लेकर बढ़ी जागरूकता

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में पशु क्रूरता के मुद्दे पर चर्चा बढ़ गई है। कई लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।लक्सर–देवबंद मार्ग पशु तस्करी के लिहाज से संवेदनशील है, इसलिए इस घटना के बाद पुलिस ने चेकिंग और कड़ी कर दी है। इससे यातायात थोड़ा धीमा जरूर हुआ, लेकिन इससे सुरक्षा और निगरानी बेहतर हुई है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, चेकिंग बढ़ने से मालवाहक वाहनों की गति प्रभावित होती है, परंतु सुरक्षा कारणों से इसे आवश्यक माना जा रहा है।

  • उत्तराखंड में बीते वर्षों में पशु क्रूरता और अवैध परिवहन के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन वर्ष 2025 में ऐसे मामलों में वृद्धि या कमी के आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
  • लक्सर क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता के कारण पिछले महीनों में कई बार अवैध पशु परिवहन पकड़ा गया है।
  • यह घटना भी उन प्रयासों का हिस्सा है जिनका उद्देश्य पशु संरक्षण को मजबूत करना है।

लक्सर पुलिस द्वारा की गई यह त्वरित कार्रवाई पशु संरक्षण और कानून व्यवस्था के प्रति गंभीरता को दर्शाती है। इससे न केवल दो गौवंशों की जान बची बल्कि ऐसे मामलों पर सख्त निगरानी का संदेश भी गया।
पुलिस और प्रशासन को चाहिए कि ऐसे संवेदनशील मार्गों पर चेकिंग और जागरूकता को और मजबूत किया जाए ताकि पशु क्रूरता की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके।

यह भी पढ़ें हरिद्वार में सरेआम हुड़दंग सड़क पर हंगामा कर रहे 6 युवक गिरफ्तार राहगीरों में फैला रोष…

उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं

 यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!

यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

By ATHAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *