कुंभ मेला 2025 को लेकर नमामि गंगे परियोजना की बैठक हरिद्वार में आयोजितकुंभ मेला 2025 को लेकर नमामि गंगे परियोजना की बैठक हरिद्वार में आयोजित

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आगामी कुंभ मेले को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की बैठक में नमामि गंगे परियोजना के तहत विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कुंभ मेला भारत का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं। इस विशाल जनसमूह के कारण गंगा की स्वच्छता, घाटों की व्यवस्था, पेयजल, ठोस कचरा प्रबंधन और सीवेज ट्रीटमेंट जैसी चुनौतियां सामने आती हैं।

पिछले कुंभ मेलों में गंगा प्रदूषण, अस्थायी घाटों की क्षमता और कचरा निस्तारण को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने नमामि गंगे मिशन के साथ समन्वय कर स्थायी और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाएं करने की योजना बनाई है।n यह महत्वपूर्ण बैठक 19 दिसंबर 2025 को हरिद्वार स्थित सीसीआर (CCR) में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुंभ मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने की।

कौन-कौन अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • धीरज जोशी – डायरेक्टर (शहरी), राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नई दिल्ली
  • विशाल मिश्रा – परियोजना निदेशक, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तराखंड
  • स्वप्निल अनिरुद्ध – डीएफओ
  • नंदन कुमार – मुख्य नगर आयुक्त
  • दयानंद सरस्वती – अपर मेलाधिकारी
  • अभय प्रताप सिंह – एसपी सिटी
  • विपिन कुमार – एडिशनल एसपी
  • राहुल सचदेवा – एनआईयूए
  • पूरन कापड़ी – संचार विशेषज्ञ
  • सत्यदेव आर्य – डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर

बैठक के दौरान कुंभ मेले से संबंधित विभिन्न कार्यों के प्रस्तावों को पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से प्रस्तुत किया गया। इसमें घाट निर्माण, ग्रीन घाट, एसटीपी प्लांट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और म्यूजियम निर्माण जैसे अहम प्रस्ताव शामिल रहे।

कुंभ मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका का बयान

श्रीमती सोनिका ने बताया कि कुंभ मेले के लिए तीन नए घाटों के निर्माण के साथ-साथ ग्रीन घाट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा:

  • नगर निगम द्वारा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का प्रस्ताव
  • पेयजल निगम द्वारा एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का प्रस्ताव
  • श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए म्यूजियम निर्माण का प्रस्ताव
  • इन सभी प्रस्तावों की बैठक में गहन समीक्षा की गई।

धीरज जोशी का बयान

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के डायरेक्टर धीरज जोशी ने कहा कि कुंभ मेले से जुड़े सभी प्रस्तावों को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नई दिल्ली के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि स्वीकृति के बाद इन पर शीघ्र कार्य शुरू किया जा सके।

श्रद्धालुओं पर असर

इन प्रस्तावों के लागू होने से कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ घाट, बेहतर स्नान व्यवस्था और साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और म्यूजियम जैसे स्थायी निर्माणों से स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और एसटीपी प्लांट के प्रस्ताव से गंगा प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ-साथ शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी मजबूत होगी।

पिछले कुंभ मेलों में अस्थायी व्यवस्थाओं पर अधिक निर्भरता रही है, जबकि इस बार स्थायी और पर्यावरण-अनुकूल ढांचे पर जोर दिया जा रहा है। नमामि गंगे परियोजना के तहत पहले भी कई शहरों में घाटों और एसटीपी प्लांट से गंगा जल की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है। कुल मिलाकर, कुंभ मेले को दिव्य और भव्य बनाने के लिए प्रशासन की तैयारियां सही दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही हैं। यदि ये प्रस्ताव समय पर स्वीकृत होकर धरातल पर उतरते हैं, तो न केवल कुंभ मेला बल्कि गंगा की स्वच्छता और हरिद्वार का विकास भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

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By ATHAR

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