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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
हरिद्वार। जनपद के अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं या नहीं, इसका वास्तविक आकलन करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने देर रात्रि उप जिला मेला चिकित्सालय और जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था, साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करना था।
मरीजों और तीमारदारों से ली सीधे जानकारी
जिलाधिकारी सबसे पहले उप जिला मेला चिकित्सालय हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने वार्डों का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत कर उपचार, दवा, भोजन और अन्य सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में उपचार संतोषजनक तरीके से किया जा रहा है और समय पर भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को स्वच्छता व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को दी जाने वाली बेडशीट और कंबलों की नियमित धुलाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को साफ और स्वच्छ कंबल उपलब्ध कराने के लिए नए कंबल खरीदने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को अस्पताल परिसर को हर समय साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखने को कहा गया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने जिला महिला चिकित्सालय हरिद्वार पहुंचकर सभी वार्डों और स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने लेबर रूम का निरीक्षण करते हुए प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने बताया कि लेबर रूम में दो महिलाएं प्रसव हेतु भर्ती हैं और उनकी स्थिति सामान्य है, जबकि हाल ही में प्रसव के बाद 13 महिलाएं अस्पताल में भर्ती हैं।
गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रेफर न करने के निर्देश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को बिना उचित कारण अन्य अस्पतालों में रेफर न किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार और सुरक्षित प्रसव सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए, जिनमें शामिल हैं—
- सभी सीसीटीवी कैमरे चालू स्थिति में रहें
- खराब विद्युत लाइटों को तुरंत ठीक किया जाए
- पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए
- खराब वाटर कूलर को शीघ्र ठीक किया जाए
- पुराने साइन बोर्ड बदलकर नए लगाए जाएं
- वेटिंग एरिया में एलईडी टीवी सुचारु रूप से संचालित हो
- सफाई कर्मचारियों को वर्दी उपलब्ध कराई जाए
- एम्बुलेंस एवं 108 सेवा हर समय उपलब्ध रहे
जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल आम जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण सेवा केंद्र होते हैं, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. आर.वी. सिंह सहित अन्य चिकित्सक एवं कर्मचारी शामिल रहे। हरिद्वार में जिलाधिकारी द्वारा किया गया यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की सक्रिय निगरानी से अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे निरीक्षण न केवल व्यवस्थाओं को सुधारते हैं, बल्कि मरीजों में भरोसा भी मजबूत करते हैं।
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