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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में कानून को चुनौती देने की कोशिश एक वाहन चालक को भारी पड़ गई। सिडकुल क्षेत्र में लाल-नीली बत्ती, काले शीशे और हूटर लगाकर फर्जी VIP स्टाइल में घूम रहे व्यक्ति की स्कॉर्पियो को पुलिस ने जब्त कर लिया। यह कार्रवाई सिडकुल थाना पुलिस द्वारा की गई, जिसने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन को सीज कर सीधे थाने पहुंचा दिया। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन कर रौब झाड़ने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार, एक स्कॉर्पियो वाहन सिडकुल क्षेत्र में लाल-नीली बत्ती और हूटर लगाकर घूम रहा था। वाहन के शीशों पर काली फिल्म भी चढ़ी हुई थी, जो मोटर व्हीकल नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। स्थानीय लोगों ने वाहन की गतिविधियों पर संदेह जताया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही हरिद्वार पुलिस सक्रिय हुई और वाहन को रोककर जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि वाहन चालक किसी भी प्रकार का अधिकृत सरकारी अधिकारी नहीं था, न ही उसे लाल-नीली बत्ती या हूटर लगाने की अनुमति थी।

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस ने वाहन को तत्काल जब्त करते हुए मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में चालान किया। अधिकारियों के मुताबिक:
- लाल-नीली बत्ती का अवैध प्रयोग
- हूटर का गैरकानूनी इस्तेमाल
- काले शीशे (ब्लैक फिल्म) का उपयोग
- VIP स्टाइल दिखाकर आम जनता में भ्रम पैदा करना
इन सभी उल्लंघनों के आधार पर स्कॉर्पियो को सीज कर सिडकुल थाने में खड़ा कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार केवल अधिकृत संवैधानिक पदाधिकारियों को ही विशेष सिग्नल लाइट या हूटर का सीमित उपयोग करने की अनुमति है।
सिडकुल पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ समय से कुछ लोग निजी वाहनों पर फर्जी VIP स्टाइल अपनाकर कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे मामलों में अब शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि:
- फर्जी सरकारी स्टिकर लगाना
- पुलिस/प्रेस/सरकारी बोर्ड का गलत उपयोग
- अवैध हूटर और बत्ती लगाना
- इन सभी पर सख्त कार्रवाई होगी।
अवैध है लाल-नीली बत्ती और हूटर
भारत में VIP कल्चर को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत:
- लाल बत्ती का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं (जैसे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड) या अधिकृत पदाधिकारियों तक सीमित है।
- नीली बत्ती का उपयोग भी निर्धारित सेवाओं तक सीमित है।
- निजी वाहनों पर किसी भी प्रकार की फ्लैशिंग लाइट या हूटर लगाना प्रतिबंधित है।
- ऐसा करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता में भय और भ्रम की स्थिति भी पैदा करता है।
यह घटना सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। लोगों का कहना है कि कई बार कुछ लोग फर्जी रुतबा दिखाकर ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हैं और आम नागरिकों पर दबाव बनाते हैं। ऐसे में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जनता में विश्वास बढ़ा है। स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार:
- वाहन चालक से पूछताछ की जा रही है।
- वाहन के दस्तावेजों की जांच जारी है।
- जुर्माना और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- भविष्य में ऐसे मामलों के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
- यदि चालक दोषी पाया जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि:
- अपने वाहन में किसी भी प्रकार की अवैध लाइट या हूटर न लगाएं।
- काले शीशों का प्रयोग न करें।
- यदि किसी संदिग्ध वाहन की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- कानून का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में फर्जी VIP स्टाइल दिखाना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। लाल-नीली बत्ती, हूटर और काले शीशों के साथ घूम रही स्कॉर्पियो को पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सीज कर सख्त संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। यह कार्रवाई केवल एक वाहन के खिलाफ नहीं, बल्कि उस मानसिकता के खिलाफ है जो नियमों को ताक पर रखकर रुतबा दिखाने की कोशिश करती है। पुलिस की इस पहल से साफ है कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर सख्ती जारी रहेगी।
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