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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर पूरे राज्य में चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के तहत हरिद्वार जनपद में भी व्यापक “वेरिफिकेशन ड्राइव” चलाया गया। इस अभियान का संचालन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में किया गया। अभियान के दौरान सुबह से ही पुलिस टीमों ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, घरेलू सहायकों, मजदूरों और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया।
हरिद्वार एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां बड़ी संख्या में बाहरी लोग आकर रहते और काम करते हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा समय-समय पर सत्यापन अभियान चलाया जाता है। सत्यापन अभियान के मुख्य उद्देश्य हैं: आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना किरायेदारों और कर्मचारियों का रिकॉर्ड तैयार करना जनपद में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना

इस विशेष ड्राइव के तहत पुलिस ने निम्न श्रेणियों के लोगों का सत्यापन किया: किरायेदार बाहरी मजदूर घरेलू सहायक अस्थायी रूप से रह रहे व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोग पुलिस ने मकान मालिकों से भी जानकारी ली कि उन्होंने अपने किरायेदारों का पूर्व में पुलिस सत्यापन कराया है या नहीं।
बिना सत्यापन पर हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान जिन व्यक्तियों या मकान मालिकों ने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन किरायेदार रखना नियमों का उल्लंघन है। कई स्थानों पर नोटिस जारी किए गए और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे नियमित रूप से जारी रखा जाएगा। पुलिस की नजर खासकर उन इलाकों पर है, जहां बड़ी संख्या में बाहरी लोग रहते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के अभियान से अपराध नियंत्रण में काफी मदद मिलती है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होता है।
हरिद्वार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि: अपने घर या दुकान पर कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराएं किरायेदार रखने से पहले आवश्यक दस्तावेज लें संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें पुलिस का कहना है कि सुरक्षित समाज के निर्माण में नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी प्रशासन की।
पुलिस सत्यापन के लिए आमतौर पर निम्न प्रक्रिया अपनाई जाती है नजदीकी थाने में आवेदन देना किरायेदार या कर्मचारी की पहचान संबंधी दस्तावेज जमा करना पुलिस द्वारा रिकॉर्ड जांच सत्यापन प्रमाण पत्र जारी करना ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने की स्थिति में संबंधित पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।
कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम
हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण जिले में जहां तीर्थयात्री, पर्यटक और बाहरी श्रमिक बड़ी संख्या में आते हैं, वहां समय-समय पर ऐसे अभियान बेहद जरूरी हो जाते हैं। इससे न केवल अपराधों पर अंकुश लगता है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच संवाद भी बेहतर होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित सत्यापन से आपराधिक तत्वों की पहचान जल्दी हो जाती है और किसी भी अप्रिय घटना की संभावना कम हो जाती है।
हरिद्वार में चलाया गया व्यापक वेरिफिकेशन ड्राइव कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में किए गए इस अभियान से स्पष्ट है कि पुलिस अपराध नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर गंभीर है। नागरिकों से अपेक्षा है कि वे अपने किरायेदारों और कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं और सुरक्षित समाज निर्माण में पुलिस का सहयोग करें। नियमित सत्यापन ही भविष्य की संभावित समस्याओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
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