हरिद्वार में महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत आयोजित जनसुनवाई में बोलती अध्यक्ष कुसुम कंडवालहरिद्वार में महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत आयोजित जनसुनवाई में बोलती अध्यक्ष कुसुम कंडवाल

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हरिद्वार | संवाददाता

राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा— महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

Haridwar में ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के तहत आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता Kusum Kandwal ने की। इस अवसर पर आयोग की सदस्य Vimla Naithani और Kamla Joshi भी मौजूद रहीं।

जिलाधिकारी सभागार में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 18 फरियादियों ने अपनी शिकायतें आयोग के सामने रखीं। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि चार गंभीर मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए देहरादून मुख्यालय भेजा गया।

अस्पताल प्रबंधन को कड़ा निर्देश

जनसुनवाई के दौरान Metro Hospital में कार्यरत दो महिला चिकित्सकों ने शिकायत की कि अस्पताल प्रबंधन ने पिछले एक वर्ष नौ महीनों से उनका वेतन रोक रखा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अस्पताल प्रबंधन को 16 मार्च को आयोग के समक्ष उपस्थित होने और एक सप्ताह के भीतर बकाया वेतन चेक के माध्यम से जारी करने के निर्देश दिए।

अन्य मामलों पर भी हुई कार्रवाई

जनसुनवाई में एक महिला ने अपने पति पर अवैध संबंध और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया। इस मामले में आयोग ने जांच के आदेश देते हुए दोनों पक्षों को तलब किया है।

वहीं एक अशिक्षित विधवा महिला ने अपने जेठ पर संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया। इस पर आयोग ने जिला प्रशासन को पीड़िता को उसके हिस्से का कब्जा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

आजीविका से जुड़ा मामला

Mansa Devi Temple मार्ग पर दुकान हटने से प्रभावित गरीब महिलाओं की आजीविका के मुद्दे पर आयोग ने नगर निगम को निर्देश दिया कि इन महिलाओं को उचित स्थान पर दुकान उपलब्ध कराई जाए।

इसके अलावा आयोग ने एक पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिला आयोग के निर्देशों को कोई भी विभाग हल्के में न ले। उन्होंने पुलिस विभाग को आयोग द्वारा भेजे गए पत्रों पर समयबद्ध जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई महिला कर्मचारी अपने विभाग की ICC (Internal Complaints Committee) की जांच से संतुष्ट नहीं है तो उसकी पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी विभागों में POSH कानून से संबंधित कार्यशालाएं आयोजित की जाएं।

वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा

जनसुनवाई के दौरान वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा में बताया गया कि इस वर्ष 490 मामलों में से 488 का सफल निस्तारण किया जा चुका है।

इस अवसर पर प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य विकास अधिकारी एल.एन. मिश्रा, एसपी क्राइम निशा यादव, सदस्य सचिव महिला आयोग उर्वशी चौहान सहित कई विभागीय अधिकारी शामिल थे।

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By ATHAR

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