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हरिद्वार, 21 फरवरी 2026। जनपद हरिद्वार में ‘जिला सैनिक परिषद’ की प्रथम त्रैमासिक बैठक अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में उनके कार्यालय सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के पूर्व सैनिकों, शहीद परिवारों एवं सैनिक कल्याण से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा करना तथा उनके त्वरित समाधान हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित करना रहा।
बैठक का संचालन जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर डॉ. सरिता पंवार (सेवानिवृत्त) द्वारा किया गया। उन्होंने बैठक में उपस्थित अपर जिलाधिकारी, विभागीय अधिकारियों एवं पूर्व सैनिक प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए पिछली त्रैमासिक बैठक में उठाए गए बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा प्रस्तुत की। साथ ही अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी देते हुए यह भी बताया कि किन मामलों में प्रगति हुई है और किन विषयों पर अभी कार्य शेष है।
बैठक के दौरान पूर्व सैनिकों द्वारा विभिन्न समस्याओं और सुझावों को विस्तार से रखा गया। इनमें प्रमुख रूप से शहीद स्मारक हेतु भूमि का चिन्हिकरण, शहीद सैनिक कैप्टेन जगदीश चन्द्र भट्ट की स्मृति में शहीद द्वार के निर्माण का प्रस्ताव, लालढांग क्षेत्र में अवैध निर्माण की स्थिति तथा बाजार क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का मुद्दा प्रमुख रहा।
अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी ने इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि नियमानुसार शीघ्र अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहीदों की स्मृति से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शहीद स्मारक के लिए भूमि चिन्हिकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए ताकि आगामी समय में स्मारक निर्माण की कार्यवाही आगे बढ़ाई जा सके।
कैप्टेन जगदीश चन्द्र भट्ट की स्मृति में प्रस्तावित शहीद द्वार के निर्माण को लेकर भी बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करें और आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करें। प्रशासन का मानना है कि ऐसे स्मारक न केवल शहीदों के सम्मान का प्रतीक होते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का भी कार्य करते हैं।
लालढांग बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। इस संबंध में नगर निगम के अधिशासी अभियंता एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण से आम जनता को असुविधा होती है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए।
बैठक में यह भी आश्वासन दिया गया कि पूर्व सैनिकों के कार्यों को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि देश की सेवा कर चुके सैनिकों एवं उनके परिवारों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की कि पूर्व सैनिकों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जाए।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी डॉ. सरिता पंवार ने बैठक में यह भी बताया कि सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि समन्वय के माध्यम से लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान ब्लॉक प्रतिनिधियों और पूर्व सैनिकों ने भी अपने सुझाव रखे। कुछ मामलों में पेंशन, भूमि संबंधी विवाद, पुनर्वास योजनाओं की जानकारी तथा सरकारी योजनाओं के लाभ में आ रही प्रक्रियात्मक दिक्कतों का उल्लेख किया गया। संबंधित अधिकारियों ने इन मामलों को नोट करते हुए नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
नगर निगम के अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियर ने आश्वस्त किया कि जिन क्षेत्रों में अतिक्रमण की शिकायतें मिली हैं, वहां टीम भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा। यदि कहीं अवैध निर्माण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक का समापन जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर डॉ. सरिता पंवार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। उन्होंने अपर जिलाधिकारी सहित सभी अधिकारियों एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन और सैनिक कल्याण विभाग के बीच बेहतर समन्वय से पूर्व सैनिकों की समस्याओं का समाधान और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
इस अवसर पर अधिशासी अभियंता नगर निगम, जूनियर इंजीनियर, विभिन्न ब्लॉक प्रतिनिधि, पूर्व सैनिकगण तथा सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय हरिद्वार के सभी कार्मिक उपस्थित रहे।
जिला सैनिक परिषद की यह प्रथम त्रैमासिक बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ सम्पन्न हुई, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रशासन पूर्व सैनिकों के सम्मान, शहीदों की स्मृति के संरक्षण तथा जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से कार्य कर रहा है। आने वाले समय में इन निर्णयों के धरातल पर क्रियान्वयन से पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
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