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हरिद्वार जनपद में विकास कार्यों की प्रगति, सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
हरिद्वार उत्तराखंड का एक प्रमुख धार्मिक, पर्यटन और औद्योगिक जनपद है। यहां बड़ी संख्या में सरकारी योजनाएं जिला योजना, राज्य सेक्टर और केंद्र पोषित योजनाओं के अंतर्गत संचालित होती हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, नागरिक सुविधाओं में सुधार लाना और जनपद के समग्र विकास को गति देना है।
पिछले कुछ वर्षों में यह देखने में आया है कि कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पातीं, कहीं धनराशि के उपयोग में देरी होती है, तो कहीं अतिक्रमण और स्वच्छता जैसी समस्याएं विकास में बाधा बनती हैं। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं, ताकि योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकें।

बैठक
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित योजनाओं, अतिक्रमण हटाने, स्वच्छता अभियान, कोहरे के चलते यातायात व्यवस्था और मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
यह बैठक जिला कार्यालय सभागार, हरिद्वार में 22 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ और समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। जिन योजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है, उसका उपयोग तत्परता से सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकारी योजनाओं की प्रगति पर सख्ती
जिला योजना और राज्य सेक्टर के कार्य
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिला योजना और राज्य सेक्टर के अंतर्गत जो भी निर्माण कार्य गतिमान हैं, उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। धनराशि के उपयोग में अनावश्यक देरी न हो और कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं में भी समयसीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके।
सरकारी संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जनपद में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। सभी उप जिलाधिकारियों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी संपत्तियों से तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। वन विभाग और राजाजी नेशनल पार्क के अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि वन भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को नियमानुसार जल्द से जल्द हटाया जाए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। योजनाओं में देरी, अतिक्रमण या सफाई में लापरवाही किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी।

स्वच्छ, सुंदर हरिद्वार के लिए सफाई अभियान
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। स्वच्छता अभियान में तेजी लाई जाए और की जा रही सफाई की जानकारी ग्रुप के माध्यम से साझा की जाए उन्होंने कहा कि हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम जनता का सहयोग भी जरूरी है। घने कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए। दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए वाहनों पर रिफ्लेक्टर स्टीकर चस्पा करने, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। इन निर्देशों का उद्देश्य सर्दी के मौसम में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करना है।
सीएम घोषणाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं पर कार्य अधूरा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी सीएम घोषणाओं को लेकर विशेष संवेदनशीलता दिखाएं, क्योंकि ये योजनाएं सीधे जनता से जुड़ी होती हैं। इन निर्देशों से आम नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, साफ-सुथरा वातावरण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। हरिद्वार जैसे धार्मिक-पर्यटन शहर में स्वच्छता और अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र व्यापार और पर्यटन दोनों के लिए लाभकारी साबित होते हैं। सड़क सुरक्षा के निर्देशों से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और रोजाना यात्रा करने वालों की सुरक्षा बेहतर होगी।
पिछले वर्षों में हरिद्वार जनपद में कई योजनाएं समय से पूरी न होने के कारण आलोचना का विषय रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर अब समीक्षा बैठकों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे योजनाओं की मॉनिटरिंग मजबूत हो सके।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा की गई यह समीक्षा बैठक साफ संकेत देती है कि जिला प्रशासन विकास, स्वच्छता और कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यदि निर्देशों का सख्ती से पालन हुआ, तो हरिद्वार को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित जनपद बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम साबित होगा। अधिकारियों और जनता—दोनों को मिलकर इन प्रयासों को सफल बनाना होगा।
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