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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में आयोजित ‘नूतन न्याय संहिता’ विषय पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी का आयोजन उत्तराखंड सरकार द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य देश में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों के बारे में आम लोगों को जागरूक करना है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न स्टॉल पर जाकर नई न्याय संहिताओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

इन कानूनों में शामिल हैं:
- भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita)
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita)
- भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Bharatiya Sakshya Adhiniyam)
- इन कानूनों के माध्यम से देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
इस राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल अधिकारियों तक जानकारी सीमित रखना नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को भी नए कानूनों के बारे में जानकारी देना है। प्रदर्शनी में अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों और आम नागरिकों के लिए विशेष जानकारी उपलब्ध कराई गई है। यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है ताकि लोग नई न्याय प्रणाली को बेहतर तरीके से समझ सकें।
प्रदर्शनी में नई न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल और दृश्य माध्यमों के जरिए प्रस्तुत किया गया है। इसके लिए डिजिटल डिस्प्ले, चार्ट, मॉडल और इंटरैक्टिव माध्यमों का उपयोग किया गया है, जिससे लोग आसानी से नई न्याय प्रणाली को समझ सकें।
नई न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताएं
प्रदर्शनी में नए कानूनों की कई महत्वपूर्ण विशेषताओं को प्रमुखता से दिखाया गया है। इनमें शामिल हैं:
- समयबद्ध जांच और चार्जशीट दाखिल करने की अनिवार्यता
- जीरो FIR और ई-एफआईआर की व्यवस्था
- सात वर्ष से अधिक सजा वाले अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच
- इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों की कानूनी मान्यता
- महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए सख्त प्रावधान
- इन प्रावधानों से न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि भारतीय न्याय संहिता जैसे नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा इन कानूनों को लागू करने के लिए कई स्तरों पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसी दौरान हरिद्वार के बैरागी कैम्प में आयोजित उत्तराखंड सरकार की विकास प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित है।
विकास कार्यों की झलक
प्रदर्शनी में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- बुनियादी ढांचे का विकास
- सड़क और संपर्क मार्गों का विस्तार
- स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
- शिक्षा क्षेत्र में सुधार
- निवेश और उद्योग को बढ़ावा
- पर्यटन विकास
- धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण
- सीमांत क्षेत्रों का विकास
- इन सभी कार्यों को विभिन्न स्टॉल के माध्यम से दर्शाया गया है।
प्रदर्शनी में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों को भी प्रदर्शित किया गया है। इन निर्णयों के माध्यम से राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए किए गए प्रयासों को दर्शाया गया है। यह राज्य स्तरीय प्रदर्शनी 9 मार्च तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शनी में पहुंचकर नई न्याय संहिताओं और राज्य के विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
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