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उत्तराखंड के प्रसिद्ध हिल स्टेशन चकराता में इस साल पर्यटकों को एक नया और रोमांचक अनुभव मिलने जा रहा है। मसूरी की तर्ज पर यहां पहली बार विंटरलाइन और स्टारगेजिंग कार्निवल का आयोजन किया जा रहा है, जो चकराता के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीद जगाता है।
उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत पहाड़ियों और अद्भुत मौसम के लिए देश-विदेश में जाना जाता है। यहां स्थित मसूरी, नैनीताल और औली जैसे हिल स्टेशन पहले से ही पर्यटन के बड़े केंद्र रहे हैं। इन्हीं में से एक विशेष प्राकृतिक घटना है विंटरलाइन, जिसे देखने के लिए हर साल हजारों सैलानी मसूरी का रुख करते हैं।
विंटरलाइन एक दुर्लभ प्राकृतिक दृश्य है, जिसमें सूर्यास्त के समय आकाश में एक स्पष्ट, क्षैतिज रेखा दिखाई देती है। यह घटना दुनिया के गिने-चुने स्थानों पर ही देखी जाती है और भारत में उत्तराखंड के कुछ ही हिल स्टेशनों में इसका अनुभव किया जा सकता है। चकराता भी उन्हीं चुनिंदा स्थानों में शामिल है, लेकिन अब तक यहां इस प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन से औपचारिक रूप से नहीं जोड़ा गया था।
आयोजन का स्थान
चकराता का धारनाधार व्यू प्वाइंट, जो अपनी ऊंचाई, शांति और मनोहारी दृश्यों के लिए जाना जाता है, इस कार्निवल का मुख्य आयोजन स्थल होगा। यह पहला विंटरलाइन और स्टारगेजिंग कार्निवल
24 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
इस कार्निवल में आने वाले पर्यटकों को कई अनोखे अनुभव मिलेंगे, जिनमें शामिल हैं:
- विंटरलाइन के अद्भुत नजारों का दीदार
- खुले आसमान के नीचे स्टारगेजिंग (तारों का अवलोकन)
- प्राकृतिक ट्रेल्स पर हाइकिंग
- स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक-नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
- पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद
- यह आयोजन केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चकराता की संस्कृति और जीवनशैली से भी पर्यटकों को रूबरू कराएगा।
मसूरी में हर साल उत्तराखंड सरकार के सहयोग से विंटरलाइन कार्निवल आयोजित किया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रिजॉर्ट संचालक एवं सेवानिवृत्त कर्नल अनूप पंवार ने चकराता में इस अनोखे आयोजन की पहल की है। स आयोजन को लेकर आयोजकों का मानना है कि चकराता में विंटरलाइन और स्टारगेजिंग कार्निवल पर्यटन को नई दिशा देगा और इसे उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने में मदद करेगा।
जनता और स्थानीय समुदाय
इस कार्निवल से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। होटल, होम-स्टे, गाइड, टैक्सी सेवाएं और स्थानीय कलाकारों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय बाजार, छोटे दुकानदार, हस्तशिल्प विक्रेता और खान-पान व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। यह आयोजन सर्दियों के मौसम में पर्यटन को सक्रिय रखने में भी सहायक होगा।
कार्निवल के दौरान पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका अहम होगी। स्थानीय लोक-नृत्य और पारंपरिक भोजन के माध्यम से चकराता की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है।
मसूरी में आयोजित होने वाला विंटरलाइन कार्निवल हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है, जिससे वहां के होटल और स्थानीय व्यापार को बड़ा लाभ मिलता है। अब चकराता में इसी तर्ज पर कार्निवल शुरू होने से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में यहां भी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
चकराता में पहली बार आयोजित होने जा रहा विंटरलाइन और स्टारगेजिंग कार्निवल न केवल पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और संस्कृति को भी मजबूती देगा। यदि यह आयोजन सफल रहता है, तो चकराता उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र पर एक नए और प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर सकता है।
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