अल्मोड़ा बस हादसे में घायलों को एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश ले जाते हुएअल्मोड़ा बस हादसे में घायलों को एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश ले जाते हुए

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अल्मोड़ा जनपद के भिकियासैंण–विनायक मोटरमार्ग पर हुए भीषण बस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना पर उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री एवं अल्मोड़ा के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में सड़क हादसे: एक गंभीर चुनौती

उत्तराखंड का पहाड़ी भूगोल जहां प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, वहीं संकरी और घुमावदार सड़कें आए दिन हादसों का कारण बनती हैं। पर्वतीय जिलों में परिवहन के सीमित साधन और पुरानी सड़कों की स्थिति सड़क दुर्घटनाओं को और भी भयावह बना देती है। अल्मोड़ा, पौड़ी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े सड़क हादसे सामने आए हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। इन्हीं घटनाओं के मद्देनजर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को हर बड़े हादसे पर त्वरित राहत और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी पड़ती है।

भिकियासैंण–विनायक मार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना

यह दर्दनाक सड़क हादसा अल्मोड़ा जनपद के भिकियासैंण–विनायक मोटरमार्ग पर हुआ, जहां एक यात्री बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

स्वास्थ्य मंत्री ने संभाला मोर्चा

सड़क हादसे की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घायलों को किसी भी स्थिति में इलाज में देरी नहीं होनी चाहिए।

गंभीर घायलों को किया गया एयरलिफ्ट

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। वहीं अन्य घायलों को हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज और नजदीकी चिकित्सालयों में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें प्राथमिक और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने हादसे पर दुःख जताते हुए कहा—

सड़क दुर्घटना में हताहत हुए लोगों के शोक संतप्त परिजनों के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। यह हादसा अत्यंत दुःखद है। घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।”

उन्होंने आगे कहा कि—

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश दिए गए थे और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया। गंभीर घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया है।”

स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश

एम्स ऋषिकेश और मेडिकल कॉलेज को आदेश

डॉ. धन सिंह रावत ने एम्स ऋषिकेश प्रशासन, सीएमओ अल्मोड़ा और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वयं घायलों के उपचार को लेकर गंभीर हैं और स्वास्थ्य विभाग, एम्स प्रशासन और स्थानीय प्रशासन से लगातार फीडबैक ले रहे हैं।

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गहरा शोक और भय का माहौल है। क्षेत्र के लोग पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठा रहे हैं। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए भिकियासैंण–विनायक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। राहत और बचाव कार्य के चलते वाहनों की आवाजाही रोकी गई। हादसे के बाद स्थानीय अस्पतालों और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ा, हालांकि विभागीय सतर्कता के चलते स्थिति को संभाल लिया गया।

पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे

उत्तराखंड में बीते वर्षों में कई बड़े बस हादसे सामने आए हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और खराब सड़कों को हादसों का प्रमुख कारण माना जाता है। राज्य में वर्ष 2024–25 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या के आधिकारिक आंकड़े फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा, वाहनों की तकनीकी जांच और चालकों के प्रशिक्षण पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं।

अल्मोड़ा बस हादसा अत्यंत दुःखद और चिंताजनक है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा त्वरित कार्रवाई और घायलों को एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सराहनीय कदम है। हालांकि, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सड़क सुरक्षा और परिवहन नियमों को और सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। आम जनता से भी अपील है कि यात्रा के दौरान सतर्कता बरतें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

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By ATHAR

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