हरिद्वार में परिवहन विभाग द्वारा लग्जरी बसों की जांच के लिए चलाया गया विशेष चेकिंग अभियानहरिद्वार में परिवहन विभाग द्वारा लग्जरी बसों की जांच के लिए चलाया गया विशेष चेकिंग अभियान

रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

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हरिद्वार 2026। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के उद्देश्य से हरिद्वार में लग्जरी बसों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष चेकिंग अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर 35 चालान किए गए, जबकि 2 बसों को सीज किया गया। परिवहन विभाग की टीमों ने बसों के दस्तावेजों, परमिट, फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच करते हुए नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

सम्भागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा के अनुसार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा और परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। इसमें जनपद में प्रवेश करने वाली लग्जरी बसों की जांच की गई, ताकि उनका संचालन निर्धारित मानकों और परमिट की शर्तों के अनुरूप हो। विभाग ने बस संचालकों और चालकों को आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखने तथा यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए।

परिवहन विभाग की ओर से लग्जरी बसों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार तीसरे दिन चलाया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में विभागीय टीमों ने विभिन्न स्थानों पर बसों की जांच की। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को लेकर चलने वाली बसें निर्धारित कानूनी और तकनीकी मानकों के अनुरूप संचालित हों।

विभाग के अनुसार, जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की गई। अभियान के तीसरे दिन कुल 35 चालान किए गए और 2 बसों को सीज किया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चालान की अलग-अलग श्रेणियों और सीज की गई बसों के विशिष्ट उल्लंघनों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि लग्जरी बसों का संचालन केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों और परमिट की शर्तों का पालन करना भी आवश्यक है।

पड़ोसी राज्यों में बस दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा पर जोर

पड़ोसी राज्यों में हाल में हुई बस दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को अभियान में प्राथमिकता दी है। लंबी दूरी और अधिक यात्रियों को लेकर चलने वाली बसों के संचालन में दस्तावेजों की वैधता, वाहन की तकनीकी स्थिति और निर्धारित क्षमता का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए जनपद में प्रवेश करने वाली लग्जरी बसों की सघन जांच की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि वाहन सड़क पर उतरने से पहले निर्धारित नियमों और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करें। नियमों का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। बसों की नियमित जांच से वाहन संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों के अनुपालन पर निगरानी रखने में मदद मिलती है।

अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीमों ने बसों के आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। इसमें वाहन का पंजीयन प्रमाणपत्र, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा और अन्य जरूरी अभिलेख शामिल रहे। इन दस्तावेजों के माध्यम से यह जांचा जाता है कि संबंधित वाहन का संचालन नियमानुसार किया जा रहा है या नहीं।

फिटनेस प्रमाणपत्र वाहन की निर्धारित तकनीकी जांच से संबंधित होता है, जबकि परमिट वाहन के व्यावसायिक संचालन की अनुमति और उससे जुड़ी शर्तों को दर्शाता है। इसी तरह बीमा और पंजीयन संबंधी दस्तावेज भी वाहन के वैध संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं। परिवहन विभाग ने इन अभिलेखों की जांच के साथ यह भी देखा कि बसें निर्धारित क्षमता के अनुरूप संचालित हो रही हैं या नहीं। किसी वाहन में अनधिकृत परिवर्तन किए जाने की स्थिति में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

बसों की जांच के दौरान वाहन में किए गए अनधिकृत बदलावों और यात्री सुरक्षा से जुड़े तकनीकी मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया। वाहन के मूल स्वरूप या निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था में नियमों के विपरीत परिवर्तन होने पर यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी कारण परिवहन विभाग ऐसे मामलों की जांच को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, बस संचालकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और संचालन के दौरान सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का पालन किया जाए। व्यावसायिक वाहनों में किसी भी प्रकार के बदलाव को लागू नियमों के अनुरूप होना चाहिए। जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन की स्थिति सामने आने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि यात्रियों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली कमियों को गंभीरता से लिया जाएगा।

विशेष प्रवर्तन अभियान के तीसरे दिन परिवहन विभाग ने विभिन्न उल्लंघनों के मामलों में 35 चालान किए और 2 बसों को सीज किया। यह कार्रवाई बसों के संचालन में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। चालान और वाहन सीज करने जैसी कार्रवाई संबंधित नियमों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की जाती है। उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में सभी चालानों के उल्लंघनवार आंकड़े और दोनों बसों को सीज करने के अलग-अलग कारणों का उल्लेख नहीं है। इसलिए कार्रवाई के बारे में इससे अधिक विशिष्ट दावा करना उचित नहीं होगा। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बस संचालकों को नियमों के प्रति सचेत करना और सुरक्षित यात्री परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

अभियान के दौरान बस संचालकों और चालकों को आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। विभाग ने कहा कि पंजीयन, फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य जरूरी अभिलेख वैध होने चाहिए। इसके साथ ही बसों का संचालन निर्धारित क्षमता और सुरक्षा मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए।

चालकों और संचालकों की जिम्मेदारी है कि यात्रियों को लेकर चलने से पहले वाहन की स्थिति और जरूरी दस्तावेजों की वैधता सुनिश्चित करें। सुरक्षा मानकों में कमी या परमिट की शर्तों का उल्लंघन होने पर यात्रियों के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी जोखिम पैदा हो सकता है। nविभाग ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाली कमियों अथवा नियमों के उल्लंघन पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने बताया कि लग्जरी बसों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा। इसका उद्देश्य वाहनों का सुरक्षित और नियमानुसार संचालन सुनिश्चित करना तथा सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में सहयोग करना है। लगातार जांच से बस संचालकों को निर्धारित मानकों के पालन के प्रति जागरूक करने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। विभाग की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वाहन संबंधी दस्तावेजों और तकनीकी मानकों की जांच जारी रखने की बात कही गई है।

हरिद्वार में चलाया जा रहा यह अभियान यात्री परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के प्रयास का हिस्सा है। परिवहन विभाग ने बस संचालकों और चालकों से अपील की है कि वे सभी आवश्यक नियमों का पालन करें, वाहनों की फिटनेस बनाए रखें और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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By ATHAR

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