लक्सर में प्रेस वार्ता के दौरान स्थानीय रोजगार, कानून-व्यवस्था और गंगा खनन के मुद्दे उठाते राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी के संस्थापक शेर सिंह राणालक्सर में प्रेस वार्ता के दौरान स्थानीय रोजगार, कानून-व्यवस्था और गंगा खनन के मुद्दे उठाते राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी के संस्थापक शेर सिंह राणा

रिपोर्टर (फरमान खान)

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लक्सर । उत्तराखंड में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, प्रदेश की कानून-व्यवस्था और गंगा क्षेत्र में खनन से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है। पार्टी के संस्थापक शेर सिंह राणा ने लक्सर-हरिद्वार रोड स्थित श्री केदार हॉस्पिटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इन मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने घोषणा की कि इन विषयों को लेकर आगामी 22 नवंबर को हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न वर्गों के लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की।

प्रेस वार्ता में शेर सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने के लिए जिस व्यवस्था की बात कही जाती रही है, उसका लाभ युवाओं तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने निजी संस्थानों में स्थानीय युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सरकार से रोजगार संबंधी प्रावधानों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

शेर सिंह राणा ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, यदि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार उपलब्ध हों, तो युवाओं को अपने परिवार और घर से दूर जाकर आजीविका की तलाश करने की मजबूरी कम हो सकती है।

उन्होंने पिछले दस वर्षों के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 70 प्रतिशत रोजगार का प्रावधान होने का उल्लेख किया। उनका आरोप है कि इस व्यवस्था का जमीनी स्तर पर अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि, प्रेस वार्ता में उनके द्वारा उठाए गए इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया गया।

पार्टी संस्थापक ने कहा कि सरकार को रोजगार संबंधी नियमों और उनके क्रियान्वयन की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि निजी संस्थानों में स्थानीय युवाओं को अवसर देने के लिए क्या व्यवस्था है और उसका कितना लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार के मुद्दे को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। स्थानीय युवाओं के कौशल, शिक्षा और योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पार्टी ने इस विषय को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल करने की बात कही।

रोजगार की कमी और पलायन पर जताई चिंता

प्रेस वार्ता में शेर सिंह राणा ने युवाओं के दूसरे राज्यों में जाने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश में घर से दूर रहने वाले युवाओं को अपने परिवार से अलग रहकर जीवनयापन करना पड़ता है। उनके मुताबिक, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं और उनके परिवारों को राहत मिल सकती है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि रोजगार नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाए और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। उनके अनुसार, रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकारी विभागों, निजी संस्थानों और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले संगठनों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। शेर सिंह राणा ने कहा कि पार्टी युवाओं से जुड़े इन सवालों को सार्वजनिक मंचों पर उठाती रहेगी। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा और कहा कि युवाओं को अपने प्रदेश में बेहतर अवसर मिलना चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान शेर सिंह राणा ने उत्तराखंड की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नागरिकों की सुरक्षा, न्याय और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े मामलों पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में जनता के बीच विश्वास बनाए रखना शासन और प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। यह मुद्दा प्रेस वार्ता में पार्टी की ओर से उठाए गए राजनीतिक सवालों का हिस्सा रहा। शेर सिंह राणा ने कानून-व्यवस्था को जनहित से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

शेर सिंह राणा ने गंगा क्षेत्र में खनन से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन गतिविधियों से संबंधित अवसरों का पर्याप्त लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना था कि गंगा किनारे बसे गांवों के निवासियों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के लिए नीति में स्थानीय हितों को महत्व दिया जाना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि गंगा किनारे रहने वाले पात्र स्थानीय लोगों को निर्धारित नियमों के अनुसार खनन और खनन सामग्री से संबंधित कार्यों में प्राथमिकता देने की व्यवस्था पर विचार किया जाए। उनके सुझाव के अनुसार, आधार कार्ड और अन्य निर्धारित पात्रता दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की पहचान की जा सकती है।

हालांकि, खनन से जुड़े किसी भी कार्य में अनुमति, पर्यावरणीय शर्तों और संबंधित विभागों के नियमों का पालन आवश्यक होता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग पर निर्णय संबंधित कानूनों और सरकारी नीतियों के दायरे में ही लिया जा सकता है। शेर सिंह राणा ने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। उनके अनुसार, क्षेत्र के निवासियों को अपने आसपास उपलब्ध आर्थिक अवसरों का लाभ मिलना चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकें।

22 नवंबर को ऋषिकुल मैदान में होगा प्रदर्शन

शेर सिंह राणा ने प्रेस वार्ता के दौरान आगामी 22 नवंबर को हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में विशाल प्रदर्शन आयोजित करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी स्थानीय रोजगार, जनसमस्याओं और अन्य उठाए गए मुद्दों को लेकर लोगों के बीच जाएगी। उन्होंने विभिन्न वर्गों के लोगों से प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की। पार्टी का कहना है कि वह इन मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगी और सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी।

प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए पार्टी स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, गंगा क्षेत्र में आजीविका के अवसर और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाना चाहती है। प्रदर्शन में कितने लोग शामिल होंगे और इसमें किन अन्य संगठनों की भागीदारी रहेगी, इसकी विस्तृत जानकारी प्रेस वार्ता में नहीं दी गई।

प्रेस वार्ता और संगठनात्मक गतिविधियों के संदर्भ में एडवोकेट ठाकुर रामनिवास सिंह राणा, रायघटी की भूमिका का भी उल्लेख किया गया। पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम में चौधरी राजवीर सिंह बिजोपुरा के सहयोग का भी उल्लेख किया गया। पार्टी की ओर से स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और अपने मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

रोजगार और स्थानीय हितों पर केंद्रित रहेगा पार्टी का अभियान

प्रेस वार्ता से यह स्पष्ट हुआ कि राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी स्थानीय रोजगार, कानून-व्यवस्था और गंगा क्षेत्र में खनन से जुड़े मुद्दों को अपने राजनीतिक अभियान में प्रमुखता देना चाहती है। शेर सिंह राणा ने इन विषयों पर सरकार से जवाब मांगा और कहा कि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी।

अब 22 नवंबर को ऋषिकुल मैदान में प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए पार्टी इन मांगों को किस तरह सामने रखती है और इसमें कितनी भागीदारी होती है, यह आगे देखने वाली बात होगी। फिलहाल प्रेस वार्ता में उठाए गए मुद्दों के माध्यम से पार्टी ने स्थानीय युवाओं के रोजगार, आजीविका और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों को सार्वजनिक चर्चा में लाने की बात कही है।

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By ATHAR

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