हरिद्वार जीआरपी की मामा टीटी गैंग के पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी की रकम फ्रीज कराने की कार्रवाईहरिद्वार जीआरपी की कार्रवाई में पांच आरोपी गिरफ्तार; पुलिस के अनुसार नकदी और मोबाइल बरामद तथा 50 हजार रुपये फ्रीज कराए गए।

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रिपोर्टर (नसरा परवीन)

हरिद्वार । गरीब मजदूरों को रेलवे टिकट कन्फर्म कराने और जनरल टिकट को एसी कोच में बदलवाने का झांसा देकर कथित तौर पर ठगी करने वाले गिरोह का जीआरपी हरिद्वार ने पर्दाफाश किया है। कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को रेलवे कर्मचारियों का रिश्तेदार बताकर यात्रियों का विश्वास जीतते थे और फिर उनके मोबाइल, यूपीआई पिन तथा अन्य जरूरी जानकारी हासिल कर बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे।

इस मामले में पीड़ित मजदूर के खाते से करीब एक लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 25 हजार रुपये नकद और पीड़ित का मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अतिरिक्त 50 हजार रुपये बैंक खाते में फ्रीज कराए गए हैं। पुलिस का कहना है कि फ्रीज कराई गई रकम को नियमानुसार पीड़ित के खाते में वापस दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जीआरपी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और उनकी उम्र लगभग 19 से 24 वर्ष के बीच है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान सौरभ, सुमित, कृष्ण कुमार, जितेंद्र चौधरी और बंटी कुमार के रूप में बताई है। मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद पीड़ित मजदूर को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पिछले कई महीनों से अपने बच्चों के लिए पैसे जमा कर रहा था।

कभी-कभी इंसान लालच में ऐसा अंधा हो जाता है कि वह अच्छे और बुरे का फर्क ही महसूस नहीं कर पाता और फिर बाद में पछताता है। ऐसा ही कुछ हुआ है रेलवे स्टेशन हरिद्वार में। आजकल त्यौहार का सीजन है और हर व्यक्ति अपने घर जाने की जल्दी में है। ऐसे मौकों पर भीड़ के बीच सीधे-साधे लोगों को ठगने वाले लोगों की भी कमी नहीं है

क्या विडंबना है कि एक तरफ पीड़ित मजदूर विगत 10 महीनों से दीपावली में अपने बच्चों के पास जाने के लिए मजदूरी कर पाई-पाई करके पैसे जोड़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ऐसे लोग भी है जो इस प्रकार के सीधे-साधे लोगों को लूटने के लिए 1000 किलोमीटर दूर बिहार से हरिद्वार आकर अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में फंसा कर ऐसे सीधे सादे लोगों का अकाउंट एक झटके में खाली कर रहे हैं और पलक झपकते ही गायब हो जा रहे हैं। ऐसे ही शातिरों को चुन-चुनकर जेल भेजने का काम कर रही है जीआरपी हरिद्वार पुलिस।

‘मेरे मामा टीटी हैं’ कहकर जीतते थे भरोसा

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशन पर ऐसे यात्रियों को निशाना बनाते थे, जो आर्थिक रूप से कमजोर हों और लंबी दूरी की यात्रा के लिए जनरल टिकट लेकर चल रहे हों। आरोपी यात्रियों से बातचीत के दौरान दावा करते थे कि उनके मामा रेलवे में टीटी हैं और वे जनरल टिकट को एसी कोच में बदलवाने या बेहतर सीट दिलाने में मदद कर सकते हैं।

दिनांक 10-10-2026 की रात्रि पीड़ित मजदूर (वादी) बिस्वजीत सौरेन पुत्र सीताराम सौरेन नि0 ग्राम बेलियाबाथन, थाना-जे.के.नगर जिला बर्धमान पं0बंगाल व इसका साथी/पीड़ित रंजीत कोरा पुत्र समरा कोरा नि0 उपरोक्त दोनों लगभग साल भर हरिद्वार में दिहाड़ी मजदूरी कर दो पैसे अपने अकाउंट में जोड़कर दशहरा / दीपावली में अपने घर बर्धमान पश्चिम बंगाल जाने हेतु कुंभ एक्सप्रेस ट्रेन से रेलवे स्टेशन आसनसोल जाने के लिए हरिद्वार रेलवे स्टेशन आए और जनरल के दो टिकट लिए। ट्रेन आने का इंतजार करने के दौरान इनको दो व्यक्ति (ठग) मिले जिन्होंने इनसे बात कर बताया कि हम भी बिहार जा रहे हैं एवं बताया कि “हमारे मामा रेलवे में टीटी हैं” जो तुम्हारे जनरल टिकट को एसी थर्ड कोच स्लीपर में बदलवा देंगे।

दोनों ठगों द्वारा थोड़ी देर इनसे बिहारी भाषा में बात कर पूरी तरह विश्वास में लेकर अपने तीसरे साथी “फर्जी टीटी” रिश्तेदार से मिलवाया जिसने थोड़ी देर इनको समझाने के बाद अपने बाकी दो फर्जी साथियों की मदद से पीड़ित को रेलवे में एसी कोच में जाने का नियम बताया कि एसी कोच में जाने से पहले सामान की पूरी जानकारी देनी होती है, सब सामान, मोबाइल पिन कोड, बैग, कपड़े इत्यादि सब कुछ पहले रेलवे में जमा हो जाता है एक रसीद मिलती है उस रसीद को दिखाकर स्टेशन आने पर वह सामान, रुपया पैसा सब वापस मिल जाता है।

अगले दिन शक होने पर बैंक से जानकारी करने पर इनको पता चला कि ठगों द्वारा इनके अकाउंट से ₹90500 निकाल लिया गया है जिसपर पीड़ित बेहद परेशान हालत में थाना जीआरपी हरिद्वार पहुंचे जहां तत्काल मुकदमा अपराध संख्या – 72/26 धारा 303(2), 318 बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत कर शातिर पांच ठगों की तलाश की गई।

बच्चों के लिए जमा की रकम गंवा बैठा मजदूर

इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू पीड़ित मजदूर की आर्थिक स्थिति से जुड़ा है। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, पीड़ित पिछले करीब दस महीनों से अपने बच्चों के लिए पैसे जमा कर रहा था। दीपावली से पहले परिवार के लिए जरूरी खर्च और बच्चों की जरूरतें पूरी करने की उम्मीद में उसने मेहनत-मजदूरी से रकम बचाई थी। मामा टीटी गैंग के ठग इतने शातिर थे कि बेहद पेशेवर तरीके से अपना काम करते थे और पीड़ित पूरी तरीके से इनके विश्वास में रहता था। गैंग के दो सदस्य भोले-भाले लोगों की तलाश करते थे और अपनी लच्छेदार बातों में फंसाकर अपने तीसरे सदस्य “फर्जी मामा टीटी” से मिलवाते थे जो बिल्कुल टीटी के अंदाज में बात करता था और अपने ग्रुप के बाकी दो सदस्यों से मिलवाता था जो एसी कोच में जाने का नियम बताकर पीड़ित व्यक्ति का सब कुछ अपने पास जमा करवा लेते थे यहां तक कि पिन कोड भी पूछ लेते थे और कुछ ही मिनटों में पीड़ित का पूरा अकाउंट साफ कर देते थे।

सीओ जीआरपी अनुज के अनुभव से मिली मदद

जीआरपी की इस कार्रवाई में सीओ जीआरपी अनुज के अनुभव और उनके द्वारा दिए गए सुझावों को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले इनपुट और कार्ययोजना के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने तथा मामले की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिली। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को निशाना बनाकर की जाने वाली ठगी के मामलों में सतर्कता, शिकायतों का विश्लेषण और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में पीड़ित की शिकायत के साथ उपलब्ध तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की जांच से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सहायता मिल सकती है।

हरिद्वार पुलिस ने मैन्युअल पुलिसिंग, सीसीटीवी कैमरों, मुखबिर तंत्र एवं वादी द्वारा अभियुक्तों के बताए हुलिए, बात करने के तरीके, वेशभूषा आदि की मदद से 30 घंटे के भीतर पांच शातिर ठग अभियुक्तों सौरभ, सुमित, कृष्ण कुमार, जितेंद्र चौधरी व बंटी कुमार को हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से दबोचा। पांचों शातिर अभियुक्त भागने की फिराक में थे और बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेन का “घुप्प अंधेरे में बैठकर” इंतजार कर रहे थे लेकिन तेजतर्रार जीआरपी हरिद्वार पुलिस द्वारा पकड़े गए।

जिनके कब्जे से पीड़ित के चोरी किए गए ₹25000 नगद प्राप्त हुए जो सभी ने आपस में बराबर बराबर बांटे हुए थे। इनके कब्जे से पीड़ित का वनप्लस का मोबाइल एवं बैग भी बरामद हुआ साथ ही यह जानकारी मिली कि इनके द्वारा ₹50000 रुपए एक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं जिसको विवेचक श्यामदास द्वारा बैंक से पत्राचार कर फ्रीज करवाया गया एवं जिनको जल्दी ही वादी/पीड़ित के अकाउंट में वापस करवाया जाएगा।

कप्तान अरुणा भारती ने टीम को दिया ₹2,500 का इनाम

जीआरपी हरिद्वार की इस कार्रवाई पर कप्तान अरुणा भारती ने पुलिस टीम की सराहना की है। उन्होंने टीम के कार्य की प्रशंसा करते हुए ₹2,500 के इनाम की घोषणा की है। कप्तान अरुणा भारती ने कहा, “ऐसे लोगों का पकड़ा जाना जरूरी है, जो गरीबों की गाढ़ी मेहनत की कमाई चुराते हैं। मुझे खुशी है कि हमारी टीम ने बेहतर काम किया है। हम जल्दी ही फ्रीज की हुई धनराशि को दीपावली से पहले पीड़ित के खाते में वापस लौटाएंगे। त्यौहारी सीजन में भारी भीड़ के बीच इस शानदार खुलासे पर कप्तान अरुणा भारती एवं सीओ जीआरपी अनुज द्वारा पूरी पुलिस टीम की हौसला-अफजाई करते हुए आजकल रेलवे स्टेशनों में भारी भीड़ को देखते हुए समस्त पुलिस बल को सतर्क दृष्टि रखने हेतु प्रेरित किया गया। कप्तान द्वारा पुलिस टीम को ढाई हजार ईनाम की घोषणा की गई है।

इस मामले के सामने आने के बाद रेलवे यात्रियों के लिए सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर जनरल टिकट को एसी कोच में बदलवाने, टिकट कन्फर्म कराने या रेलवे कर्मचारी से संबंध होने के दावे पर भरोसा करने से पहले संबंधित जानकारी की आधिकारिक पुष्टि करनी चाहिए। यात्रियों को अपना मोबाइल फोन, बैंकिंग जानकारी, यूपीआई पिन और ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। टिकट या सीट से संबंधित सहायता के लिए रेलवे के आधिकारिक काउंटर अथवा अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करना सुरक्षित है।

जीआरपी हरिद्वार की ओर से की गई कार्रवाई में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, 25 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन की बरामदगी तथा 50 हजार रुपये फ्रीज कराए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस कप्तान ने टीम को ₹2,500 का इनाम देने की घोषणा भी की है। पीड़ित मजदूर के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण कदम फ्रीज कराई गई धनराशि को वापस दिलाने की प्रक्रिया पूरी करना है। पुलिस ने दीपावली से पहले रकम लौटाने का प्रयास करने की बात कही है। हालांकि, वास्तविक वापसी निर्धारित कानूनी और बैंकिंग प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी।

सौरभ पुत्र मुनेश्वर मंडल निवासी – गांव पिरपहार थाना मुफस्सिल पोस्ट बेनीगीर जिला मुंगेर बिहार, उम्र 24वर्ष सुमित पुत्र चंद मंडल निवासी – ग्राम नयाटोला चंदनपार थाना कासिम बाजार जिला मुंगेर बिहार, उम्र-20 वर्ष किशन कुमार पुत्र शंकर मंडल निवासी- ग्राम लैलत मलखा पोस्ट- मलखा थाना सबोर जिला भागलपुर बिहार, उम्र-19 वर्ष जितेंद्र कुमार चौधरी पुत्र अमर चौधरी निवासी ग्राम नयाटोला चंदनपार थाना कासिम बाजार जिला मुंगेर बिहार, उम्र-24 वर्ष बंटी कुमार पुत्र बबलू ताती निवासी- ग्राम कटारिया काली स्थान थाना मुफस्सिल जिला मुंगेर उम्र 20 वर्ष।

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By ATHAR

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