हरिद्वार में राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी की बैठकहरिद्वार में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक में अतिक्रमण, पार्किंग और ब्लैकस्पॉट को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।

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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

हरिद्वार। जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय कक्ष में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, सड़क की स्थिति, ब्लैकस्पॉट और आपातकालीन सहायता व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। बैठक में माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में निर्धारित मानकों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है, इसलिए इसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में जिलाधिकारी ने एनएचएआई को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे किसी भी दशा में अतिक्रमण न होने दिया जाए। इसके लिए गश्ती दलों को तत्काल सक्रिय करने तथा ड्रोन सर्वे के माध्यम से अतिक्रमण, अवैध पार्किंग एवं सड़क संबंधी खामियों की पहचान करने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात के लिए निर्धारित स्थान बाधित न हों और सड़क के किनारे ऐसी गतिविधियां न हों जिनसे वाहनों के आवागमन या यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चिह्नित स्थानों पर आवश्यकतानुसार संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने और राजमार्ग की व्यवस्था को व्यवस्थित करने की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को पुलिस, एनएचएआई एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर संयुक्त अतिक्रमण-रोधी अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य सड़क एवं शोल्डर पर भारी वाहनों की पार्किंग पर प्रभावी रोक लगाने को कहा गया। सभी संबंधित सड़क एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा में सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने के निर्देश भी दिए गए।

भारी वाहनों की सड़क किनारे पार्किंग पर रोक

बैठक में भारी वाहनों की सड़क किनारे पार्किंग को लेकर भी गंभीरता से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे भारी वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग पर प्रभावी रोक लगाई जाए। सड़क किनारे खड़े भारी वाहन कई स्थानों पर यातायात के लिए बाधा बन सकते हैं। इसके साथ ही रात के समय या कम दृश्यता की स्थिति में ऐसे वाहनों के कारण सड़क सुरक्षा से जुड़ा जोखिम भी बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भारी वाहनों को निर्धारित स्थानों पर ही खड़ा कराया जा सके और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनावश्यक रूप से पार्किंग न हो। प्रशासन द्वारा इस संबंध में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स द्वारा प्रत्येक पखवाड़े राजमार्ग सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। बिना एनएचएआई अथवा लोनिवि की पूर्व अनुमति के राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्र में किसी प्रकार का लाइसेंस या एनओसी जारी अथवा नवीनीकृत नहीं किया जाएगा। दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैकस्पॉट का उपचार, आपातकालीन सेवाओं तथा टोल-फ्री हेल्पलाइन 1033 को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हेल्पलाइन से संबंधित व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी समस्या या आपात स्थिति में लोगों को सहायता प्राप्त करने में परेशानी न हो।

सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव सीधे तौर पर यातायात सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सड़क पर गड्ढे, क्षतिग्रस्त हिस्से, अस्पष्ट संकेतक या अन्य कमियां वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। इसलिए ऐसी समस्याओं की पहचान कर समय पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। बैठक का एक प्रमुख विषय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन भी रहा। अधिकारियों से राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि राजमार्ग सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का पालन केवल कागजी स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित विभाग जमीन पर भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके लिए निरीक्षण, सर्वे और संयुक्त अभियान जैसे कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

यातायात सुरक्षा को प्राथमिकता

प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई। अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग नियंत्रित करने, ब्लैकस्पॉट का उपचार कराने और हेल्पलाइन व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कदम इसी दिशा में उठाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने जनसामान्य, परिवहन संचालकों एवं राजमार्ग किनारे व्यापारियों से सहयोग की अपील की है। प्रशासन ने अवैध ढाबे एवं कब्जे स्वयं हटाने तथा भारी वाहनों को केवल निर्धारित ले-बाय एवं पार्किंग स्थलों पर खड़ा करने को कहा है। प्रशासन का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण, अवैध पार्किंग एवं गड्ढों से मुक्त कर यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक में लिए गए निर्देशों के बाद अब राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, भारी वाहनों की पार्किंग और ब्लैकस्पॉट को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। ड्रोन सर्वे के माध्यम से अतिक्रमण की स्थिति का आकलन, संबंधित विभागों की ओर से संयुक्त अभियान और सड़क सुरक्षा से जुड़े सुधारात्मक कदम इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। साथ ही 1033 हेल्पलाइन को अधिक प्रभावी बनाने और सड़क की स्थिति की निगरानी पर भी ध्यान दिया जाएगा।

बैठक में नगर आयुक्त नगर निगम नंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीके सिंह, अधिशासी अभियंता एनएचआई सुरेश तोमर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा, श्रीमती नेहा झा, कृष्ण चंद्र पलड़िया सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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By ATHAR

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