मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम हरिद्वार को सौंपते भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन के पदाधिकारीमुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम हरिद्वार को सौंपते भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन के पदाधिकारी

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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)

हरिद्वार | 2026 हरिद्वार में भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन (उत्तराखंड) ने किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री उत्तराखंड के नाम 10 सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम हरिद्वार के माध्यम से सौंपा। संगठन ने सरकार से जनहित के इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष इरफान अली भट्टी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षा, बिजली, नगर विकास, श्रमिक हित, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई विषयों को शामिल किया गया। संगठन का कहना है कि यदि इन मांगों पर अमल किया जाता है तो इसका सीधा लाभ आम जनता, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यवसायियों को मिलेगा।

भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र, जनहित के कई मुद्दे उठाए हरिद्वार। भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन (उत्तराखंड) ने आम जनता, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री उत्तराखंड के नाम एक 10 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम हरिद्वार के माध्यम से सौंपा है। ज्ञापन में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल करते हुए सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष इरफान अली भट्टी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सबसे पहले ज्वालापुर स्थित जुर्स कंट्री स्कूल के पास संचालित शराब के ठेके को हटाने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम हरिद्वार को सौंपते भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन के पदाधिकारी

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग ज्वालापुर स्थित जुर्स कंट्री स्कूल के निकट संचालित शराब के ठेके को हटाने की की गई। संगठन का कहना है कि विद्यालय के समीप शराब का ठेका होने से विद्यार्थियों के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी इस पर चिंता व्यक्त की है। यूनियन ने सरकार से इस ठेके को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की। है कि स्कूल के निकट शराब का ठेका होने से छात्रों और स्थानीय लोगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन ने छोटे उद्योगों और घरेलू व्यवसायों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। ज्ञापन में मांग की गई कि आरा मशीनआटा चक्की तेल पिराई मशीन अन्य लघु उद्योग के बिजली बिलों में 50 प्रतिशत की कटौती की जाए। संगठन का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत और महंगी बिजली के कारण छोटे व्यवसाय आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। यदि बिजली दरों में राहत दी जाती है तो रोजगार भी बढ़ेगा और स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी। ज्ञापन में छोटे उद्योगों और घरेलू व्यवसायों को राहत देने के लिए आरा मशीन, आटा चक्की, तेल पिराई मशीन सहित अन्य छोटे प्रतिष्ठानों के बिजली बिल में 50 प्रतिशत की कटौती करने की मांग भी उठाई गई है। संगठन का कहना है कि इससे छोटे व्यापारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। इसके अलावा नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में सर्किल रेट में 50 प्रतिशत कमी, विकास प्राधिकरण की फीस घटाने तथा 1000 वर्ग फुट तक के भवन का नक्शा निशुल्क स्वीकृत करने की मांग की गई है।

संगठन ने एक बार फिर ज्वालापुर को अलग नगर पालिका बनाए जाने की मांग उठाई। यूनियन का कहना है कि नगर निगम हरिद्वार में शामिल होने के बावजूद ज्वालापुर क्षेत्र को अपेक्षित विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अलग नगर पालिका का गठन आवश्यक है। यूनियन ने ज्वालापुर को अलग नगर पालिका बनाने की मांग दोहराते हुए कहा कि वर्तमान में नगर निगम हरिद्वार में शामिल होने के बावजूद क्षेत्र को अपेक्षित सुविधाएं और विकास का लाभ नहीं मिल रहा है।

ज्ञापन में ज्वालापुर रेलवे फाटक की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग भी की गई। संगठन का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और यातायात संबंधी समस्याएं कम होंगी। इसके अलावा शहर की सड़कों के किनारे फलदार पौधे लगाने, पशुओं और राहगीरों के लिए नियमित अंतराल पर पेयजल टंकियां स्थापित करने तथा प्रत्येक आधा किलोमीटर पर सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग भी रखी गई। ज्ञापन में ज्वालापुर रेलवे फाटक की पुरानी व्यवस्था बहाल करने, शहर की सड़कों के किनारे फलदार पेड़ लगाने, पशुओं और राहगीरों के लिए नियमित अंतराल पर पेयजल टंकियां स्थापित करने तथा हर आधा किलोमीटर पर सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग भी शामिल है। इसके साथ ही संगठन ने सरकारी एवं गैर-सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 24 प्रतिशत वृद्धि करने और मिलों एवं फैक्ट्रियों में 12 घंटे के स्थान पर 8 घंटे की कार्य अवधि लागू करने की भी मांग सरकार से की है।

भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन ने सरकारी और गैर-सरकारी कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। ज्ञापन में कर्मचारियों के वेतन में 24 प्रतिशत वृद्धि, मिलों और फैक्ट्रियों में 12 घंटे के स्थान पर 8 घंटे की कार्य अवधि लागू करने, की मांग की गई। संगठन का कहना है कि श्रमिकों को बेहतर कार्य परिस्थितियां और उचित वेतन उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन ने कहा कि ये सभी मांगें आम जनता, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के हितों से जुड़ी हुई हैं। संगठन ने राज्य सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

भारतीय किसान मजदूर उद्योग यूनियन द्वारा मुख्यमंत्री के नाम भेजा गया 10 सूत्रीय मांग पत्र किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाता है। संगठन ने शिक्षा, बिजली, नगर विकास, श्रमिक हित और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इन मांगों पर क्या निर्णय लेती है।

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By ATHAR

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