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हरिद्वार/रुड़की। जनपद हरिद्वार में चल रहे अग्निशमन सेवा सप्ताह 2026 के अंतर्गत फायर स्टेशन रुड़की की टीम द्वारा स्कूलों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को आग से बचाव के प्रति जागरूक करने का सराहनीय अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 अप्रैल 2026 को फायर स्टेशन रुड़की की टीम ने रुड़की और कलियर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में मॉक ड्रिल का आयोजन कर बच्चों और स्कूल स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

इस अभियान का उद्देश्य न केवल बच्चों को आगजनी की घटनाओं से बचने के तरीके सिखाना था, बल्कि उन्हें ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय सतर्क और सजग रहने के लिए प्रेरित करना भी रहा।अग्निशमन सेवा सप्ताह के दौरान पूरे देश में लोगों को आग से सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इसी कड़ी में फायर स्टेशन रुड़की की टीम, फायर स्टेशन ऑफिसर (FSO) के नेतृत्व में स्कूलों तक पहुंची और बच्चों को अग्नि सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। रुड़की के सेनटेनस सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल, जादूगर रोड सहित कलियर शरीफ क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया।
मॉक ड्रिल के जरिए दिया गया लाइव प्रशिक्षण

कार्यक्रम के दौरान सबसे खास आकर्षण मॉक ड्रिल रही, जिसमें फायर टीम ने स्कूल परिसर में कृत्रिम रूप से आग लगाकर उसे बुझाने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस दौरान बच्चों को यह दिखाया गया कि आग लगने की स्थिति में किस तरह तुरंत प्रतिक्रिया करनी चाहिए और किन सावधानियों का पालन करना जरूरी होता है।
फायर कर्मियों ने अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर एक्सटिंग्विशर, पानी की पाइप आदि का उपयोग करके आग बुझाने का लाइव प्रदर्शन किया। बच्चों को यह भी सिखाया गया कि अगर उनके आसपास आग लग जाए तो वे कैसे खुद को सुरक्षित रखें और दूसरों की मदद कैसे करें।
ग्निशमन उपकरणों की दी गई जानकारी

फायर टीम ने छात्रों को विभिन्न प्रकार के अग्निशमन उपकरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार के आग के लिए कौन सा उपकरण उपयोग में लाया जाता है और उसका सही उपयोग कैसे किया जाता है। इस दौरान बच्चों को यह भी बताया गया कि घर, स्कूल या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर लगे अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव कितना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे सही तरीके से काम कर सकें।
बच्चों के सवालों के दिए जवाब
मॉक ड्रिल के दौरान छात्र-छात्राओं के मन में उठ रहे कई सवालों का भी फायर टीम ने धैर्यपूर्वक उत्तर दिया। बच्चों ने आग लगने के कारणों, उससे बचाव के उपायों और आपात स्थिति में क्या करना चाहिए, जैसे कई सवाल पूछे। फायर कर्मियों ने सरल भाषा में सभी सवालों का जवाब देते हुए बच्चों को जागरूक किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि सही जानकारी और सतर्कता से बड़ी से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान फायर टीम ने स्कूल प्रबंधन और स्टाफ को भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्कूल परिसर में साफ और अवरोध रहित रास्ते होने चाहिए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि स्कूल में लगाए गए सभी अग्निशमन उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रहें। नियमित रूप से उनकी जांच की जाए और समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में घबराहट की बजाय व्यवस्थित तरीके से कार्य किया जा सके।
सुरक्षा के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी
फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आगजनी की घटनाएं अक्सर लापरवाही या जानकारी के अभाव में होती हैं। यदि लोगों को सही समय पर सही जानकारी दी जाए, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। विशेष रूप से बच्चों को कम उम्र में ही अग्नि सुरक्षा के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है, क्योंकि वे भविष्य में समाज के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं और ऐसी जानकारी उनके जीवन में बेहद उपयोगी साबित होती है। फायर स्टेशन रुड़की द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को स्थानीय लोगों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की ओर से काफी सराहना मिल रही है।

अभिभावकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं और उन्हें वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के लिए तैयार करते हैं। स्कूल प्रबंधन ने भी फायर टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आपात स्थिति में सही निर्णय लेने में सक्षम बनते हैं।
फायर स्टेशन रुड़की द्वारा चलाया जा रहा यह जागरूकता अभियान न केवल बच्चों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को आग से बचाव के तरीके सिखाकर उन्हें सुरक्षित जीवन की ओर एक कदम आगे बढ़ाया जा रहा है।
अग्निशमन सेवा सप्ताह के दौरान ऐसे कार्यक्रम यह साबित करते हैं कि सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी से ही सुनिश्चित हो सकती है। भविष्य में भी इस तरह के अभियानों के जरिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाएगा, जिससे आगजनी की घटनाओं में कमी लाई जा सके और जनहानि को रोका जा सके।
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