सबसे सटीक ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़…
लक्सर से रिपोर्ट (फ़रमान खान)
खानपुर
हरिद्वार जनपद में अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग और खानपुर पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत की गई इस कार्रवाई में टीम ने अवैध सागौन (टीक) लकड़ी से भरे एक ट्रक को पकड़ा है, साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
रविवार देर रात की इस कार्रवाई में कोतवाली खानपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश सीमा के पास स्थित चौकी वालावाली क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध ट्रक (UA-01-6415) को रोका। पुलिस टीम को वाहन पर संदेह होने पर जब गहन जांच की गई, तो ट्रक में भारी मात्रा में सागौन की लकड़ी लदी पाई गई। जांच के दौरान कुल 54 नग प्रीमियम सागौन की गिल्टे बरामद हुईं, जिनके संबंध में कोई वैध परमिट या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

प्रभारी निरीक्षक डी.एस. कोहली के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर ही ट्रक चालक मुकीम (उम्र 28 वर्ष) और उसके साथ मौजूद जुल्फान (उम्र 35 वर्ष) को हिरासत में ले लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ अवैध लकड़ी तस्करी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह लकड़ी बिना किसी वैध अनुमति के परिवहन की जा रही थी, जो वन अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। वन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर बरामद लकड़ी का निरीक्षण किया और मामले की जांच में सहयोग शुरू किया।
जनपद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी, अवैध खनन, वन संपदा की चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। खानपुर क्षेत्र में हाल के दिनों में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें मूल्यवान सागौन लकड़ी की तस्करी का खुलासा हुआ है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम की सतर्कता और सक्रियता के कारण तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि सागौन जैसी बहुमूल्य लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सागौन लकड़ी की मांग अधिक होने के कारण तस्कर अक्सर अवैध कटाई कर इसे बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने की कोशिश करते हैं। लेकिन अब प्रशासन की सख्ती के चलते ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस और वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध लकड़ी तस्करी या वन संपदा से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या वन विभाग को सूचित करें। नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ही इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध गतिविधियों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जा रही है। चाहे वह नशा तस्करी हो, अवैध खनन हो या वन संपदा की चोरी—किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। यदि ऐसे किसी नेटवर्क का खुलासा होता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें– ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार में 8 आरोपित गिरफ्तार
उत्तराखंड की सभी ताज़ा और महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए ज्वालापुर टाइम्स न्यूज़ WHATSAPP GROUP से जुड़ें और अपडेट सबसे पहले पाएं
यहां क्लिक करें एक और हर अपडेट आपकी उंगलियों पर!
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 7060131584 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।”

