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रिपोर्टर (सचिन शर्मा)
खानपुर/हरिद्वार खानपुर स्थित कोतवाली परिसर में पुलिस विभाग द्वारा अपराध अनुसंधान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन (Crime Scene Investigation) और साक्ष्य संकलन (Evidence Collection) की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना था, ताकि मामलों की जांच अधिक सटीक और वैज्ञानिक तरीके से की जा सके।

यह प्रशिक्षण दिनांक 22 मार्च 2026 को फील्ड यूनिट हरिद्वार के विशेषज्ञ स्टाफ द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कोतवाली खानपुर में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशिक्षण के दौरान बताई गई तकनीकों को ध्यानपूर्वक सीखा।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को बताया गया कि किसी भी अपराध की जांच में क्राइम सीन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि साक्ष्य सही तरीके से एकत्रित किए जाएं, तो केस को सुलझाना आसान हो जाता है। फील्ड यूनिट के विशेषज्ञों ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचते ही सबसे पहले उसे सुरक्षित करना जरूरी होता है, ताकि कोई भी साक्ष्य नष्ट न हो।

इसके बाद साक्ष्य संकलन की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया। इसमें फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग, फिंगरप्रिंट उठाना, फुटप्रिंट (पैरों के निशान) का विश्लेषण, और अन्य भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के तरीके शामिल थे।
प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक डेमो क्राइम सीन तैयार किया गया। इस डेमो के माध्यम से पुलिसकर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों में साक्ष्य एकत्र करने का अभ्यास कराया गया। डेमो के दौरान फुटप्रिंट के साक्ष्य को पहचानने और उसे सुरक्षित करने की प्रक्रिया विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रही। प्रशिक्षकों ने बताया कि कई मामलों में छोटे-छोटे साक्ष्य ही बड़े अपराधों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला में मौजूद पुलिसकर्मियों ने विभिन्न तकनीकों को सीखते हुए सक्रिय भागीदारी दिखाई। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह भी बताया गया कि साक्ष्य को किस प्रकार पैक और संरक्षित किया जाए, ताकि अदालत में उसकी वैधता बनी रहे। विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि आधुनिक दौर में डिजिटल साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है, इसलिए पुलिस को तकनीकी रूप से भी दक्ष होना आवश्यक है।

प्रशिक्षण के दौरान साक्ष्य संकलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर कल्पना शर्मा को प्रभारी निरीक्षक द्वारा सम्मानित किया गया। उनके द्वारा सटीक और व्यवस्थित तरीके से साक्ष्य संकलन किए जाने की सराहना की गई। यह सम्मान अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना और सभी ने भविष्य में अपनी कार्यशैली को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
पुलिस विभाग द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन यह दर्शाता है कि विभाग अपराधों की जांच प्रणाली को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
इस कार्यशाला के माध्यम से पुलिसकर्मियों को न केवल तकनीकी जानकारी मिली, बल्कि उन्हें यह भी समझ आया कि एक छोटी सी चूक भी किसी बड़े केस को प्रभावित कर सकती है। इसलिए हर साक्ष्य का सही तरीके से संकलन और संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि पुलिसकर्मी नई तकनीकों से अपडेट रहें और अपराधियों के खिलाफ सशक्त कार्रवाई कर सकें। इस पहल से यह भी स्पष्ट होता है कि हरिद्वार पुलिस आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी कार्यक्षमता को लगातार बढ़ा रही है।
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