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चाईबासा (आरएनएस)।
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथी अब ग्रामीणों के लिए जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रहे हाथी हमलों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। ताज़ा घटनाक्रम में एक ही रात में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि जनवरी महीने के पहले सप्ताह में अब तक 17 लोगों की जान जंगली हाथियों के हमलों में जा चुकी है। सबसे भयावह घटना नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया थाना क्षेत्र के बाबरिया गांव में सामने आई, जहां एक जंगली हाथी ने आधी रात को एक घर पर हमला कर एक ही परिवार के पांच सदस्यों को कुचलकर मार डाला।
बाबरिया गांव में एक परिवार तबाह
जानकारी के अनुसार, 6 जनवरी की रात करीब 10 बजे बाबरिया गांव में जंगली हाथी ने एक कच्चे घर को तोड़ डाला। घर के अंदर सो रहे लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हाथी ने हमला कर दिया।
इस दर्दनाक घटना में मृतकों की पहचान:
- सनातन मेराल
- उनकी पत्नी जोंकों कुई
- उनके दो मासूम बच्चे
- दूसरे परिवार के सदस्य मोगदा लागुरी
- के रूप में हुई है। इस हमले में परिवार का एक बच्चा किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।
अन्य गांवों में भी हाथी का कहर
हाथी का आतंक यहीं तक सीमित नहीं रहा।
- बड़ा पासीया गांव में एक ग्रामीण की हाथी के हमले में मौत हो गई।
- लांपाईसाई गांव में भी एक अन्य व्यक्ति को हाथी ने रौंदकर मार डाला।
- समाचार लिखे जाने तक इन दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी की रात से ही जिले में हाथियों के हमलों की श्रृंखला शुरू हो गई थी।
- टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव निवासी 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम की मौके पर ही मौत हो गई।
- बिरसिंहहातु गांव के 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा की भी जान चली गई।
- सदर प्रखंड के रोरो गांव निवासी 57 वर्षीय विष्णु सुंडी को भी हाथी ने कुचलकर मार डाला।
- इन घटनाओं में मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिनका इलाज जारी है।
जंगली हाथियों के हमलों में बच्चों को भी निशाना बनाया गया, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
- गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा गांव में 13 वर्षीय रेंगा कयोम की कुचलकर हत्या कर दी गई।
- चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के बाईपी गांव में 10 वर्षीय ढिंगी गागराई को हाथी ने पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
संतरा वन क्षेत्र में दंतैल हाथी का तांडव
4 जनवरी की अहले सुबह संतरा वन क्षेत्र के अमराई कितापी गांव में एक दंतैल हाथी ने 47 वर्षीय महिला को कुचलकर मार डाला। इस घटना में महिला के पति रंजन टोपनो और 10 वर्षीय पुत्र काहिरा टोपनो घायल हो गए।इसके बाद सोमवार की सुबह:
- मिस्त्रीबेड़ा वन ग्राम में 50 वर्षीय जोंगा लागुरी की मौत हो गई।
- उनके पति चंद्र मोहन लागुरी गंभीर रूप से घायल हो गए।
लगातार हो रही मौतों से पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले में भय का माहौल है। ग्रामीण रात में घरों से निकलने से डर रहे हैं और कई गांवों में लोग खुले स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।घटनाओं की सूचना मिलते ही वन विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि:
- हाथी की लगातार निगरानी की जा रही है।
- उसे जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
- मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के सिमटने, हाथियों के पारंपरिक मार्गों में बाधा और भोजन की कमी के कारण मानव-हाथी संघर्ष बढ़ता जा रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
सोवा गांव में एक परिवार उजड़ गया
सबसे हृदयविदारक घटना गोइलकेरा के सोवा गांव में हुई, जहां दंतैल हाथी ने:
- कुंदरा बाहदा
- उनके 6 वर्षीय पुत्र कोदमा बाहदा
- और 8 माह की पुत्री सामू बाहदा
को मौत के घाट उतार दिया। इस हमले में तीन वर्षीय बच्ची जिंगीं बाहदा गंभीर रूप से घायल है। इसके बाद बेकाबू हाथी टोंटो प्रखंड के कुईलसूता गांव पहुंचा, जहां 21 वर्षीय जगमोहन सवईया को पटक-पटक कर मार डाला।
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