अर्पित फाउंडेशन प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामीअर्पित फाउंडेशन प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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रिपोर्ट जतिन

अर्पित फाउंडेशन के प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों एवं जवानों को उनके साहस, समर्पण और राष्ट्र सेवा की भावना के लिए सम्मानित किया।

एसएसबी के साहस और समर्पण की सराहना

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि सशस्त्र सीमा बल ने पिछले छह दशकों से देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में अद्वितीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि एसएसबी के जवान सीमा प्रबंधन, आतंकवाद और नक्सलवाद से निपटने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाते रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी जवानों का अडिग साहस और कर्तव्यनिष्ठा पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

सीमाओं की सुरक्षा के साथ सामाजिक योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएसबी के जवान जहां एक ओर दिन-रात सीमाओं की रक्षा में तैनात रहते हैं, वहीं दूसरी ओर खेल, सामाजिक गतिविधियों और राहत कार्यों में भी उल्लेखनीय योगदान देते हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय एसएसबी के जवानों की त्वरित सहायता ने अनेक लोगों की जान बचाई है।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर देश

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब न केवल अपनी रक्षा आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर रहा है, बल्कि रक्षा सामग्री निर्यात करने वाले प्रमुख देशों में भी शामिल हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत के स्वदेशी हथियारों की ताकत को पूरी दुनिया ने देखा और सराहा है। यह भारत की तकनीकी क्षमता और रक्षा क्षेत्र में बढ़ती सशक्तता का प्रमाण है।

सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार नए और प्रभावी निर्णय ले रही है। उन्होंने बताया कि शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। इसके साथ ही वीरता पदक से सम्मानित जवानों को मिलने वाली सम्मान राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से सीमांत गांवों को मजबूती

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और सामरिक दृष्टि से भी इन क्षेत्रों को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं सीमांत क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा बलों से संवाद करते हैं, उनकी समस्याओं को समझते हैं और विकास के लिए निर्णायक कदम उठाते हैं।

गरिमामयी उपस्थिति

इस सम्मान समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य कैलाशानन्द जी महाराज, डीआईजी एसएसबी सुधांशु नौटियाल, अर्पित फाउंडेशन से हनी पाठक सहित एसएसबी के अधिकारी और जवान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह न केवल सुरक्षा बलों के सम्मान का प्रतीक रहा, बल्कि राष्ट्र सेवा में लगे जवानों के मनोबल को भी नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह संदेश स्पष्ट था कि देश और राज्य सरकार अपने वीर जवानों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।

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By ATHAR

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