यूजेवीएनएल द्वारा शक्ति नहर किनारे अवैध मकानों पर चल रही बुलडोज़र कार्रवाई का दृश्ययूजेवीएनएल द्वारा शक्ति नहर किनारे अवैध मकानों पर चल रही बुलडोज़र कार्रवाई का दृश्य

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विकासनगर में शक्ति नहर के किनारे यूजेवीएनएल की जमीन पर बने अवैध मकानों पर रविवार सुबह बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने दिनभर चले अभियान में लगभग 50 मकान जमींदोज कर दिए। बाकी मकानों को सोमवार को हटाया जाएगा।

शक्ति नहर के आसपास की भूमि लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या से ग्रसित रही है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की इस भूमि पर पिछले पाँच दशकों में गरीब मजदूर परिवारों ने अस्थायी रूप से निवास शुरू किया, जो धीरे-धीरे स्थायी पक्के मकानों में बदल गए।

वर्ष 2023 में भी corporation द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसमें तीन सौ से अधिक निर्माण हटाए गए और करीब छह सौ परिवार प्रभावित हुए थे। इसके बावजूद क्षेत्र में पुनः अवैध निर्माण बढ़ते रहे, जिस पर अब दोबारा सख्ती की गई है।

पिछले सप्ताह ही प्रशासन ने 100 अतिक्रमणों की पहचान करते हुए नोटिस जारी किया था। नोटिस के अनुसार तीन दिनों के भीतर घर खाली करने को कहा गया था, जिसके बाद रविवार सुबह अभियान शुरू कर दिया गया।

सुबह 7 बजे शुरू हुई बड़ी कार्रवाई

रविवार सुबह सात बजे से ही बस्ती को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, PAC, SDRF और अन्य सुरक्षा दलों ने क्षेत्र को घेर लिया।

शक्ति नहर किनारे लगी बस्ती में अचानक बढ़ी हलचल से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार जल्दी-जल्दी अपने सामान को समेटते दिखे। कुछ लोग पुलिस से मोहलत की मांग करते रहे, पर कार्रवाई जारी रही।

50 मकान धराशायी, 6 JCB लगी रहीं काम पर

पूरे दिन चली कार्रवाई में छह JCB मशीनें लगातार अवैध निर्माण तोड़ने में लगी रहीं।
शाम तक लगभग 50 मकान ध्वस्त कर दिए गए, जबकि बाकी मकान और दुकानें सोमवार को हटाई जाएंगी।

लोगों की पीड़ा: रोते-बिखलते छोड़ना पड़ा घर

अपने घर टूटते देख कई परिवार रोने-बिलखने लगे।
कुछ महिलाएं ढकरानी क्षेत्र में टीम से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन प्रशासन के आदेश स्पष्ट होने के कारण ध्वस्तीकरण जारी रहा।
ढालीपुर क्षेत्र में कुछ लोगों ने स्वयं ही अपने अवैध निर्माण हटाना शुरू कर दिया, ताकि मलबे का नुकसान न झेलना पड़े।

यूजेवीएनएल के अधिशासी निदेशक राजीव अग्रवाल ने कहा,
“ ”
(नोट: आधिकारिक बयान उपलब्ध होने पर यहाँ जोड़ा जा सकता है।)

डायरेक्टर ने बताया कि शनिवार को ही 600 परिवारों को नोटिस दिया गया था, और निर्धारित समय पूरा होने के बाद कार्रवाई शुरू की गई।

सैकड़ों परिवार प्रभावित

इस कार्रवाई के बाद कई परिवार बेघर हो गए हैं।
कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के घरों में चले गए, जबकि कुछ अपने सामान की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे।

क्षेत्र में तनाव, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं

यद्यपि संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, फिर भी पूरे अभियान के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
फायर ब्रिगेड, जल पुलिस और SDRF भी मौके पर मौजूद रहे।

व्यापारिक और आवागमन पर आंशिक असर

ध्वस्तीकरण के दौरान शक्ति नहर मार्ग के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित रहा।
कुछ छोटी दुकानें भी इस कार्रवाई की जद में आ गईं, जिससे स्थानीय व्यापारियों को नुकसान झेलना पड़ा।

वर्ष 2023 में यूजेवीएनएल ने 300+ निर्माण ध्वस्त किए थे और लगभग 600 परिवारों को हटाया गया था।

इस बार 100 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से 50 को पहले दिन हटाया गया

पिछले तीन वर्षों में यह शक्ति नहर क्षेत्र का सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाने का अभियान माना जा रहा है।

शक्ति नहर क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण पर यूजेवीएनएल और प्रशासन ने एक बार फिर कड़ी कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में अवैध मकान ध्वस्त कर दिए हैं।
इस कदम से जहां सरकारी भूमि मुक्त होगी, वहीं प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का विषय अभी भी चिंता का कारण बना हुआ है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न करें और किसी भी निर्माण से पहले वैध दस्तावेज अवश्य जांच लें।

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By ATHAR

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